

न्यूयॉर्क: प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के विलमिंगटन में आयोजित क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अब न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यहां पहुंच कर उन्होंने भारतीय प्रवासियों और यहां प्रस्तुति देने वाले कलाकारों से मुलाकात की। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने डेलावेयर स्थित अपने गृहनगर विलमिंगटन में वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा शामिल हुए।
अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री मोदी ने क्वाड शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ऑस्ट्रेलिया तथा जापान के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी रविवार को न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह अगले दिन यानी 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘समिट ऑफ द फ्यूचर' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी कृत्रिम मेधा, ‘क्वांटम कंप्यूटिंग' और ‘सेमीकंडक्टर' के क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे।
आज न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में PM मोदी भारतीयों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग 14 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही PM मोदी नाउस वेटरन्स मेमोरियम कोलिजियम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का नाम 'मोदी एंड यूएसः प्रोग्रेस टुगेदर' नाम दिया गया है। यह कार्यक्रम अमेरिकी-भारतीय समुदाय की गर्मजोशी का प्रतीक माना जो रहा है।
वहीं अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों में भी इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह है। बताया गया कि इस कार्यक्रम में करीब 13200 लोग शामिल होने जा रहे हैं जो कि भारत की विविधता के परिचायक बनेंगे। इस कार्यक्रम के 500 से ज्यादा वेलकम पार्टनर हैं। इसके अलावा 500 कराकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में लगभग 85 संस्थानों से 150 मीडिया पर्सन शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में भारत की कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा।
जानकारी दें कि इस समय अमेरिका में करीब 51 लाख भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं। इसमें से 70% ग्रेजुएट हैं जो कि अमेरिका के राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है। अमेरिका की कुल आबादी के 1.5% होने के बाद भी भारतीय समुदाय के लोग 5 से 6 % टैक्स देते हैं।
बताते चलें कि विलमिंगटन से निकलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि यह नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और संप्रभुता के सम्मान के पक्ष में है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां शिखर सम्मेलन में कहा, ‘‘स्वतंत्र, खुला, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत ही हमारी प्राथमिकता है।''
प्रधानमंत्री ने यहां किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, ''हम किसी के खिलाफ नहीं हैं। हम सभी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, संप्रभुता का सम्मान, क्षेत्रीय अखंडता और सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान करने के समर्थन में हैं।'' प्रधानमंत्री का परोक्ष रूप से इशारा चीन की ही ओर था।