महज इतनी है सेशेल्स की आबादी! फिर भी PM मोदी के दौरे पर क्यों टिकी दुनिया की नजरें? जानें इसके पीछे का कारण?
PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की तीन दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। आइए जानते हैं कि इस देश की जनसंख्या कितनी है और भारत के दृष्टिकोण से इसका क्या महत्व है।
- Written By: अमन उपाध्याय
नरेन्द्र मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Seychelles Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 27 जून को सेशेल्स के तीन दिवसीय ऐतिहासिक राजकीय दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच सामरिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष निमंत्रण पर वहां की स्वतंत्रता के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। प्रस्थान से पूर्व प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनकी यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ ‘सुरक्षित, शांतिपूर्ण और खुशहाल’ क्षेत्र के साझा विजन को आगे बढ़ाएगी।
पीएम का सेशेल्स दौरा क्यों है ऐतिहासिक?
इस दौरे का सबसे ऐतिहासिक पल तब होगा जब पीएम मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री ने इस मौके को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों को जोड़ने वाले मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का प्रमाण है। यह संबोधन न केवल द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव की भी पुष्टि करता है।
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भारत की दृष्टि से क्या है इसका महत्व?
सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक ‘महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी’ है। पीएम मोदी ने इस देश को भारत की समुद्री नीति विजन महासागर का एक प्रमुख स्तंभ बताया है।
रणनीतिक दृष्टि से सेशेल्स भारत के लिए कॉफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समुद्री आतंकवाद, डकैती और अवैध मछली पकड़ने जैसी चुनौतियों से निपटने में भारत का साथ देता है। इसके साथ ही, यह क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक रणनीतिक ‘काउंटरवेट’ के रूप में भी कार्य करता है।
सेशेल्स माहे द्वीप, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
5 भारतीयों से शुरू हुआ था सफर
भारत और सेशेल्स के बीच मानवीय संबंधों की जड़ें बहुत पुरानी हैं। 1770 में केवल 5 भारतीय वृक्षारोपण श्रमिकों के रूप में यहां पहुंचे थे। आज, भारतीय मूल के लोग (PIOs) सेशेल्स की कुल आबादी का लगभग 5% हिस्सा हैं।
वर्तमान में करीब 6,000 भारतीय मूल के नागरिक और 9,000 से अधिक प्रवासी भारतीय वहां रह रहे हैं, जो व्यापार और निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इसके अलावा, सेशेल्स की कुल आबादी लगभग 1,10,000 से 1,35,000 के बीच है।
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दोनों देशों में क्या है साझेदारी?
भारत ने हमेशा से सेशेल्स को एक विश्वसनीय विकास साझेदार माना है। इसी कड़ी में पीएम मोदी ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है।
इसके अतिरिक्त, भारत ने वहां बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश किया है और सेशेल्स की 1% से अधिक आबादी ने भारत में पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया है। रक्षा संबंधों की मजबूती को दर्शाने के लिए इस बार सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा ले रहे हैं।
