PM मोदी पहुंचे पेरिस: प्रवासी भारतीयों ने किया स्वागत, राष्ट्रपति मैक्रॉन संग विवाटेक 2026 में लेंगे हिस्सा

PM Modi Paris: पीएम मोदी फ़्रांस दौरे पर पेरिस पहुंचे। G7 सम्मेलन के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ वे 'विवाटेक 2026' में शामिल होंगे। यहां भारत का सबसे बड़ा पवेलियन भी लगाया जाएगा।
PM Modi France: Arrival In Paris For VivaTech 2026 Summit
पीएम मोदी पेरिस दौरे पर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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PM Modi Paris France G7 Summit: G7 समिट के सफल समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच गए हैं। उनके पेरिस पहुंचने पर वहां मौजूद प्रवासी भारतीयों ने उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है। पेरिस एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय का भारी उत्साह देखकर पीएम मोदी ने अपनी गहरी खुशी भी जाहिर की है।

अतिथि देश के रूप में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद अब पीएम मोदी एक नई शुरुआत कर रहे हैं। फ्रांस में वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर 'विवाटेक 2026' कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस बड़े प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में भारत और यूरोप के बीच तकनीकी सहयोग को दुनिया के सामने रखा जाएगा। भारत-फ्रांस की यह मजबूत पार्टनरशिप पूरी दुनिया की तरक्की और विकास के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

विवाटेक 2026 में भारत का पवेलियन

विवाटेक यूरोप का सबसे प्रमुख टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इवेंट माना जाता है, जिसमें भारत की भूमिका अहम है। इस साल 2026 के शानदार आयोजन में भारत का अब तक का सबसे बड़ा नेशनल पवेलियन लगाया जा रहा है। यह पवेलियन भारतीय और यूरोपीय इनोवेशन इकोसिस्टम के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इससे दोनों देशों के बीच भविष्य में तकनीकी विकास और व्यापारिक रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे।

प्रवासी भारतीयों की अहम भूमिका

फ्रांस में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों का दोनों देशों को करीब लाने में बहुत बड़ा योगदान है। वर्तमान समय में फ्रांस की मुख्य भूमि पर लगभग 1,19,000 भारतीय प्रवासी स्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। इसके अलावा 3,50,000 से भी ज्यादा भारतीय मूल के लोग फ्रांसीसी विदेशी क्षेत्रों में रहकर अपना अहम योगदान दे रहे हैं। पीएम मोदी ने भारत और फ्रांस को करीब लाने के उनके शानदार प्रयासों की जमकर सराहना की है।

ग्लोबल साउथ और द्विपक्षीय वार्ता

पेरिस रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने G7 सम्मेलन में अपनी भागीदारी को बेहद उत्पादक और सफल बताया था। उन्होंने ग्लोबल साउथ की चिंताओं और पश्चिम एशिया संकट के विकासशील देशों पर पड़ने वाले प्रभावों पर गंभीर चर्चा की। पीएम मोदी ने इस मंच पर कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा देने का एक बहुत बड़ा फ्रेमवर्क भी प्रस्तुत किया। यह फ्रेमवर्क आने वाले समय में विश्व स्तर पर विकासशील देशों को एक नई और स्पष्ट दिशा प्रदान करेगा।

वैश्विक नेताओं के साथ अहम बैठकें

इस अहम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। यूएई के राष्ट्रपति और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी सकारात्मक बातचीत हुई। इन वार्ताओं का उद्देश्य दुनिया में एकजुटता और समानता पर आधारित मजबूत साझेदारी को लगातार बढ़ावा देना है।

भविष्य की रणनीतिक साझेदारी

भारत और फ्रांस के बीच का रिश्ता आज के समय में दुनिया के सबसे भरोसेमंद और अटूट रिश्तों में से एक है। दोनों देश रक्षा, अंतरिक्ष और नागरिक परमाणु ऊर्जा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत रणनीतिक साझेदारी निभा रहे हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, इनोवेशन और वैश्विक गवर्नेंस से जुड़े अहम मुद्दों पर लगातार काम हो रहा है। जलवायु कार्रवाई और नई टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर भी भारत और फ्रांस की सोच काफी हद तक एक समान है।

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