गाजा से दिल्ली तक… PM मोदी और नेतन्याहू की कॉल ने बढ़ाई वैश्विक हलचल, आखिर क्या हुई बात?
Modi Netanyahu Phone Conversation: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन बातचीत ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को फिर रेखांकित किया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
पीएम मोदी और नेतन्याहू, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
PM Modi Netanyahu Call: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर गहन चर्चा की। इस वार्ता को भारत-इजरायल संबंधों की गहराई और लगातार बढ़ते सहयोग का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों पर विशेष जोर दिया।
फोन कॉल में प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को दोहराया। दोनों नेताओं ने कहा कि किसी भी स्वरूप का आतंकवाद स्वीकार्य नहीं है और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर कड़े कदम उठाए जाने जरूरी हैं। यह रुख उस समय महत्वपूर्ण हो जाता है जब मध्य पूर्व में लगातार तनाव और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और कई देश सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
मौजूदा स्थिति पर विस्तृत बातचीत
इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) की मौजूदा स्थिति पर भी विस्तृत बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में शांति बहाली के लिए न्यायसंगत और स्थायी समाधान की वकालत की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत, गाजा क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए तैयार किए गए गाजा पीस प्लान के जल्द क्रियान्वयन का समर्थन करता है। भारत की यह स्थिति बताती है कि वह न केवल क्षेत्र में शांति का पक्षधर है, बल्कि इसे व्यवहारिक रूप से लागू करने की दिशा में भी समर्थन देता है।
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इस बात पर बनी सहमति
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वे आने वाले समय में लगातार संवाद बनाए रखेंगे। रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा तकनीक, साइबर सुरक्षा, कृषि नवाचार, वाटर टेक्नोलॉजी और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग जैसे क्षेत्रों में भारत और इजरायल पहले से ही सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। यह कॉल इस दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है।
2017 में नेतन्याहू की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू किया था। तब से दोनों देश नियमित रूप से रक्षा, तकनीक, इनोवेशन और वैश्विक कूटनीति पर एक साथ काम करते आ रहे हैं। बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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इस कॉल का एक बड़ा संकेत यह भी माना जा रहा है कि भारत, मध्य पूर्व की राजनीति में शांतिदूत की भूमिका निभाते हुए संतुलित और सकारात्मक कूटनीति को आगे बढ़ा रहा है। वहीं इजरायल के साथ भारत के मजबूत रिश्ते यह दर्शाते हैं कि दोनों देश वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीतियों में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
