जापान में पीएम मोदी, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
India Japan Economic Partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय जापान दौरे पर हैं, जहां वे भारत-जापान के 15वें वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान वे जापान के प्रधानमंत्री इशिबा से भी मुलाकात करेंगे। जापान के दौरे के बाद, पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन की यात्रा करेंगे। जापान में रहते हुए उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की। टोक्यो में आयोजित भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे उपयुक्त देश है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। उन्होंने बताया कि जापानी कंपनियों ने अब तक भारत में 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिसमें केवल पिछले दो वर्षों में 30 बिलियन डॉलर का निजी निवेश शामिल है।
पीएम मोदी ने अपने टोक्यो आगमन पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी यात्रा की शुरुआत सीधे व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मिलकर हुई। उन्होंने याद दिलाया कि उनसे कई लोगों का व्यक्तिगत परिचय पहले भी रहा है, चाहे वह गुजरात में हो या दिल्ली में। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मेट्रो, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप जैसी कई क्षेत्रों में भारत-जापान की साझेदारी आपसी भरोसे और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो सालों में जापानी कंपनियों ने भारत में 30 अरब डॉलर का निजी निवेश किया है, जो हमारी बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व बदलाव देखे हैं, और इस परिवर्तन से सभी परिचित हैं। आज भारत में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक स्थिरता, नीतियों में पारदर्शिता और predictability की क्षमता है। देश वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
पीएम ने अपने संबोधन में देश और दुनिया के सामने यह अपील रखी कि हमारे सुधारों (Reforms) का उद्देश्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि केवल विश्व ने इसे देखा ही नहीं, बल्कि इसकी सराहना भी की है। उदाहरण के तौर पर, S&P Global ने दो दशकों के बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग बढ़ा दी।
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पीएम ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि हम उसी सफलता को बैट्री, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिप-बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी दोहरा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम मिलकर ग्लोबल साउथ, खासकर अफ्रीका, के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। अंत में उन्होंने सभी से आग्रह किया कि भारत आएं और मिलकर विश्व का निर्माण करें।