राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Philippines Energy Emergency: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान युद्ध का वैश्विक असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। फिलीपींस इस युद्ध के चलते पैदा हुए ऊर्जा संकट के कारण National Energy Emergency घोषित करने वाला दुनिया का पहला प्रमुख देश बन गया है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने मंगलवार देर रात एक कार्यकारी आदेश जारी कर देश में ईंधन की भारी कमी के खतरे के प्रति आगाह किया है।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति बाधित हुई है। फिलीपींस अपनी तेल जरूरतों के लिए लगभग पूरी तरह मिडिल ईस्ट पर निर्भर है जिसके कारण उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है। इस महीने फिलीपींस की मुद्रा ‘पेसो’ एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही है जिसमें 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। साथ ही, वहां का शेयर बाजार भी करीब 9 प्रतिशत तक लुढ़क गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 20 मार्च तक फिलीपींस के पास केवल 45 दिनों का तेल भंडार शेष था। राष्ट्रपति मार्कोस ने ब्लूमबर्ग टीवी से बात करते हुए चेतावनी दी है कि जेट ईंधन की कमी के कारण विमानों की उड़ानों को रोकना एक स्पष्ट संभावना बन गई है। हालांकि, फिलीपीन एयरलाइंस ने जून के अंत तक का स्टॉक सुरक्षित होने का दावा किया है लेकिन उसके बाद की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
आपातकाल की घोषणा के तहत राष्ट्रपति एक विशेष समिति बनाएंगे जो ईंधन, भोजन, दवाइयां और कृषि उत्पादों जैसी आवश्यक वस्तुओं के वितरण की निगरानी करेगी। ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन के संरक्षण और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाएं।
सरकार ने संकट से निपटने के लिए कई वित्तीय और प्रशासनिक रियायतें दी हैं:
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फिलीपींस ने आखिरी बार 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया था। वर्तमान में, यह आपातकाल देश की आर्थिक गतिविधियों को जारी रखने और जरूरी सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एक अनिवार्य एहतियाती कदम माना जा रहा है।