छठे दिन भी नहीं टूटी ट्रक हड़ताल, पाकिस्तान की सप्लाई चेन चरमराई; कराची से पंजाब तक हाहाकार
Pakistan Transport Strike: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में माल ढुलाई से जुड़े ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल लगातार छठे दिन भी जारी है। इस हड़ताल का असर पूरे देश की व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
पाकिस्तान में ट्रकों का हड़ताल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pakistan Truck Drivers Strike: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में माल ढुलाई से जुड़े ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल ने देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव बना दिया है। छठे दिन में प्रवेश कर चुकी इस हड़ताल के चलते पंजाब ही नहीं, बल्कि सिंध और अन्य प्रांतों में भी व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं।
व्यापारी, उद्योगपति और ट्रांसपोर्टर सरकार की सख्त नीतियों से नाराज नजर आ रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भारी नुकसान होगा।
एक हफ्ते से फंसा हुआ कच्चा माल
पाकिस्तान टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीज़ुल्लाह गोहीर ने बताया कि कराची पोर्ट पर विदेशों से मंगाया गया कच्चा माल करीब एक हफ्ते से फंसा हुआ है। इसके साथ ही विदेशी ग्राहकों को भेजे जाने वाले तैयार उत्पाद फैक्ट्रियों में जमा हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जिन जहाजों के जरिए निर्यात होना था, वे समय पर रवाना हो चुके हैं, जिससे निर्यातक भारी घाटे में हैं। इससे न केवल अरबों रुपये का नुकसान हो रहा है, बल्कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
सरकार पर गंभीर आरोप
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मोटर व्हीकल ऑर्डिनेंस में किए गए बदलावों के बाद अधिकारियों को भारी जुर्माने लगाने और एफआईआर दर्ज करने का अधिकार मिल गया है। इससे ट्रांसपोर्टर डर और दबाव में काम करने को मजबूर हैं, जिसके चलते माल ढुलाई पूरी तरह प्रभावित हुई है।
ऑल पाकिस्तान अंजुमन ताजिरान पाकिस्तान के महासचिव नईम मीर ने कहा कि लाहौर और पूरे पंजाब में कारोबार ठप हो चुका है। लाहौर के थोक बाजारों से देश के अन्य शहरों में कोई सामान नहीं भेजा जा पा रहा है। माल ढुलाई रुकने के कारण सिंध और अन्य प्रांतों में भी व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने पंजाब की मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की समस्याएं सुनने की अपील की।
कब तक खत्म होगा हड़ताल?
हालांकि इस बीच ट्रांसपोर्टरों के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। लाहौर पुलिस से बातचीत के बाद माजदा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और पंजाब गुड्स ट्रांसपोर्ट एलायंस जैसे दो छोटे संगठनों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद वे सरकार से बातचीत के रास्ते पर लौटना चाहते हैं।
इसके विपरीत ऑल पाकिस्तान ट्रक ट्रेलर ओनर्स एसोसिएशन के प्रमुख लाला यासिर नसीर ने साफ कहा कि यह हड़ताल सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में जारी है। उनके मुताबिक जब तक विवादित कानूनों को वापस नहीं लिया जाता या रोका नहीं जाता तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।
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कराची के तीनों प्रमुख पोर्ट भी इस हड़ताल से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ट्रांसपोर्टर्स ऑफ गुड्स एसोसिएशन के चेयरमैन तारिक गुज्जर ने बताया कि पंजाब और सिंध में कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में ट्रक और ट्रेलर जब्त हैं। इसके चलते पोर्ट से माल की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। व्यापार संगठनों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो सप्लाई चेन टूट जाएगी और इसका असर लंबे समय तक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
