इमरान खान केस ने पकड़ा अंतरराष्ट्रीय तूल, UN की सख्त टिप्पणी से हिली पाक सरकार; जानें क्या कुछ कहा?

UN Warning Pakistan: संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टियर ने इमरान खान की जेल में हिरासत को लेकर पाकिस्तान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उनका एकांत कारावास खत्म जल्द से जल्द खत्म किया जाए।
The Imran Khan case has taken on international dimensions, and the Pakistani government has been shaken by strong comments from the UN; find out what was said.
इमरान खान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Imran Khan News: संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक विशेष रैपोर्टियर ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील की है। UN का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को जेल में जिन हालातों में रखा गया है, वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के खिलाफ हो सकते हैं।

यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है, जब इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनकी सेहत व मानसिक स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

रिपोर्ट में कई गंभीर बिंदुओं का जिक्र

UN की स्पेशल रैपोर्टियर एलिस जिल एडवर्ड्स ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि इमरान खान की हिरासत मानवीय हो और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कैदी को अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार का सामना नहीं करना चाहिए चाहे वह कितना ही बड़ा राजनीतिक नेता क्यों न हो। दरअसल, सितंबर महीने में इमरान खान की कानूनी टीम ने उनके और उनकी पत्नी के साथ जेल में कथित दुर्व्यवहार को लेकर UN के विशेष रैपोर्टियर से संपर्क किया था। इस शिकायत के बाद UN ने मामले की समीक्षा की और अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर बिंदुओं का जिक्र किया। रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान को 26 सितंबर 2023 को रावलपिंडी की अडियाला जेल में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद से उन्हें कथित तौर पर अत्यधिक एकांत कारावास में रखा गया है।

UN ने जताई गंभीर चिंता

UN प्रतिनिधि के मुताबिक, इमरान खान को दिन में लगभग 23 घंटे अपनी कोठरी में ही रहना पड़ता है। बाहरी दुनिया से उनका संपर्क बेहद सीमित है और उनसे मिलने-जुलने की अनुमति भी बहुत कम लोगों को दी जाती है। इतना ही नहीं, उनके सेल की लगातार कैमरों से निगरानी किए जाने की बात भी सामने आई है, जिसे लेकर UN ने गंभीर चिंता जताई है। UN अधिकारी ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून लंबे समय तक या अनिश्चितकालीन एकांत कारावास की अनुमति नहीं देता। इसे मानसिक और शारीरिक यातना की श्रेणी में माना जाता है। इसी आधार पर UN ने पाकिस्तान सरकार से इमरान खान का एकांत कारावास तुरंत समाप्त करने की मांग की है।

अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया

हालांकि, इस पूरे मामले पर पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले सरकार कई बार यह दावा कर चुकी है कि इमरान खान को जेल में अन्य कैदियों की तुलना में बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं।

इस बीच, करीब एक महीने बाद इमरान खान से उनकी बहन उज्मा खानम की मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इमरान खान का स्वास्थ्य ठीक है, लेकिन वह मानसिक रूप से बेहद परेशान और गुस्से में हैं। उज्मा के अनुसार, इमरान खान ने उनसे कहा कि उन्हें पूरे दिन कमरे में बंद रखा जाता है और केवल कुछ समय के लिए ही बाहर निकलने की इजाजत मिलती है। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली।

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