पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Support Saudi Arabia War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की लपटों के बीच पाकिस्तान ने अपनी अंतरराष्ट्रीय स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता ने कहा है कि उनका देश अब सऊदी अरब की हर मुमकिन मदद करने के लिए तैयार है। चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, इस्लामाबाद अपने पुराने और भरोसेमंद साथी रियाद के साथ मजबूती से खड़ा रहने का इरादा रखता है। यह घोषणा ऐसे वक्त में हुई है जब ईरान खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है जिससे संकट बढ़ गया है।
दोनों देशों के बीच पिछले साल सितंबर में एक ऐतिहासिक रक्षा समझौता हुआ था जिसने आपसी सुरक्षा साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस डील की सबसे बड़ी और अहम शर्त यह है कि दोनों में से किसी भी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यही वजह है कि मौजूदा संकट के दौरान पाकिस्तान अपनी सैन्य और रणनीतिक जिम्मेदारी निभाने के लिए अब पूरी तरह से तैयार नजर आ रहा है।
मिडिल ईस्ट की इस जंग की वजह से पाकिस्तान में तेल की भारी किल्लत हो गई है और पेट्रोल की कीमत ₹321 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस बड़ी आर्थिक चुनौती से निपटने के लिए सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तेल और डीजल की सप्लाई सुरक्षित रखने का विशेष इंतजाम किया है। ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बढ़ते दामों के बावजूद यह सहयोग दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी और जरूरी राहत बनकर सामने आया है।
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सैन्य समर्थन के साथ-साथ पाकिस्तान राजनयिक स्तर पर भी सक्रिय है ताकि इस खूनी संघर्ष को और ज्यादा फैलने से किसी तरह रोका जा सके। मुशर्रफ जैदी ने बताया कि पाकिस्तान का मकसद इलाके में शांति बहाल करना है लेकिन रियाद की सुरक्षा पर अब कोई समझौता नहीं होगा। दोनों देश हमेशा ‘एक-दूसरे के लिए मौजूद रहने’ के सिद्धांत पर काम करते आए हैं और यह दोस्ती अब युद्ध की अग्निपरीक्षा से गुजर रही है।