ईरान के बाद पाकिस्तान पर हमला करेगा इजरायल! शहबाज शरीफ की बढ़ी धड़कन, टेंशन में पूरा इस्लामाबाद
Israel-Iran War: पश्चिम एशिया युद्ध की चपेट में है। इजरायल ईरान, लेबनान और गाजा पर हमले कर रहा है। पाकिस्तान भी अगला निशाना बन सकता है, सुरक्षा और राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान के बाद पाकिस्तान पर हमला करेगा इजरायल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Israel Attack Pakistan: मिडिल ईस्ट वर्तमान में युद्ध की स्थिति में है, जहां इजरायल और अमेरिका ईरान पर हमले कर रहे हैं। साथ ही, इजरायल ने लेबनान और गाजा पर भी हमला किया है। इस आक्रामक रुख के कारण पाकिस्तान में लंबे समय से यह आशंका जताई जा रही है कि उसे भी निशाना बनाया जा सकता है। देश के नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल की नजर पाकिस्तान पर भी है और ईरान के बाद वह अगला लक्ष्य बन सकता है।
दक्षिण एशिया के शोधकर्ता अल्ताफ परवेज ने प्रोथोमोलो में अपने लेख में लिखा कि ईरान के बाद पाकिस्तान पर इजरायली हमले की संभावना सुनने में अजीब लग सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक सहयोग संगठन की कमजोर स्थिति और भारत की इजरायल के साथ बढ़ती निकटता पाकिस्तान के लिए खतरे को बढ़ाती हैं।
ख्वाजा आसिफ ने जताई थी आशंका
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने 3 मार्च को कहा कि अगर ईरान में इजरायल का प्रभाव बढ़ता है तो इसका असर पाकिस्तान तक पहुंचेगा। उनके अनुसार, ईरान के बाद इजरायल भारत और अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है।
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हालांकि, सवाल उठता है कि इजरायल सच में पाकिस्तान के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है। दुनिया के कई देशों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं और पाकिस्तान के पास भी वही तकनीक मौजूद है। लेकिन इजरायल का रुख किसी तर्क से ज्यादा यह है कि वह किसी मुस्लिम-बहुल देश के पास परमाणु क्षमता नहीं देखना चाहता।
ग्रेटर इजरायल का सपना
इजरायल ने बार-बार संकेत दिए हैं कि वह नहीं चाहता कि कोई सैन्य रूप से मजबूत मुस्लिम-बहुल देश उसके ‘ग्रेटर इजरायल’ के सपने के विरोध में खड़ा हो। उनका तर्क है कि यदि कोई मुस्लिम देश परमाणु हथियार हासिल कर लेता है, तो यह कोशिश अन्य इस्लामी देशों में भी फैल सकती है।
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हालांकि पाकिस्तान और इजरायल के बीच दूरी लगभग 3,000 किलोमीटर है और वे सीधे पड़ोसी नहीं हैं, लेकिन ईरान के साथ पाकिस्तान की लंबी सीमा और संभावित राजनीतिक प्रभाव को इजरायल नजरअंदाज नहीं कर सकता।
