Sarabjeet Kaur की वतन वापसी रुकी: वाघा बॉर्डर पर तैयारियां धरी रह गईं, पाकिस्तान ने पलटा फैसला
Deportation Process Halted: पाकिस्तान ने सरबजीत कौर को भारत डिपोर्ट करने पर रोक लगा दी है। प्रेमी से शादी के बाद अवैध रूप से रह रही सरबजीत को वाघा बॉर्डर से वापस भेजना था, पर फैसला टल गया।
- Written By: प्रिया सिंह
सरबजीत कौर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Sarabjeet Kaur Pakistan Marriage Case: भारत और पाकिस्तान के बीच सरबजीत कौर का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है, जहां वाघा बॉर्डर पर उनके स्वागत की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गईं। पंजाब की 48 वर्षीय सरबजीत, जो तीर्थ यात्रा के बहाने ननकाना साहिब गई थीं को पाकिस्तान ने अंतिम समय में भारत भेजने से इनकार कर दिया है। ननकाना साहिब में अपने प्रेमी से निकाह और धर्म परिवर्तन के बाद वे अवैध रूप से वहां रह रही थीं, जिसके बाद उन्हें डिपोर्ट करने का आदेश हुआ था। हालांकि, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें सीमा पार भेजने पर अचानक रोक लगा दी, जिससे सस्पेंस बढ़ गया है।
तीर्थ यात्रा और अचानक गायब होना
सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए भारतीय सिखों के जत्थे के साथ पाकिस्तान पहुंची थीं। तीर्थ यात्रा खत्म होने के बाद जब पूरा जत्था भारत लौटा, तो सरबजीत गायब मिलीं, जिससे दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। बाद में पता चला कि उन्होंने ननकाना साहिब में ही रुकने का फैसला किया था और वह सुरक्षा घेरे से बाहर निकलकर अपने प्रेमी के पास चली गई थीं।
धर्म परिवर्तन और अवैध प्रवास
लाहौर से मिली खबरों के अनुसार, सरबजीत ने 5 नवंबर को इस्लाम कबूल कर लिया और अपने पाकिस्तानी प्रेमी नासिर हुसैन से निकाह कर अपना नाम ‘नूर हुसैन’ रख लिया। उनका वीजा नवंबर 2025 में ही खत्म हो गया था, जिसके बाद वे पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रही थीं। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व चेयरमैन ने अदालत में याचिका दायर कर उन्हें विदेशी अधिनियम के तहत भारत भेजने की पुरजोर मांग की थी।
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वाघा बॉर्डर पर रुक गई कार्रवाई
खुफिया एजेंसियों ने 4 जनवरी 2026 को सरबजीत और नासिर को पेह्रेवाली गांव से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को सौंप दिया गया। 5 जनवरी की शाम को उन्हें वाघा बॉर्डर के जरिए भारत डिपोर्ट करने की योजना थी और सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लिए गए थे। मगर ठीक उसी वक्त पाकिस्तानी उच्च अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को बिना कोई ठोस कारण बताए रोक दिया, जिससे मामला अब कानूनी पेच में फंस गया है।
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कोर्ट की कार्यवाही और भविष्य
फिलहाल सरबजीत कौर और उनके पति नासिर हुसैन पाकिस्तान की जेल में बंद हैं और लाहौर हाईकोर्ट में उनके भाग्य का फैसला होना बाकी है। सरबजीत के खिलाफ भारत में कुछ पुराने मामले थे, हालांकि वे उनमें बरी हो चुकी हैं, फिर भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत प्रेम कहानी नहीं, बल्कि दो देशों के बीच एक बड़ा कूटनीतिक और कानूनी मुद्दा बन चुका है जिसकी सुनवाई जारी है।
Frequently Asked Questions
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Que: सरबजीत कौर पाकिस्तान कब और कैसे गई थीं?
Ans: सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को बाबा गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के अवसर पर भारतीय सिख जत्थे के साथ ननकाना साहिब गई थीं।
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Que: सरबजीत ने पाकिस्तान में किससे शादी की और उनका नया नाम क्या है?
Ans: सरबजीत ने अपने पाकिस्तानी प्रेमी नासिर हुसैन से निकाह किया है और इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अब उनका नया नाम 'नूर हुसैन' है।
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Que: पाकिस्तान की पुलिस ने उन्हें कहां से और कब गिरफ्तार किया?
Ans: उन्हें और उनके पति को 4 जनवरी 2026 को ननकाना साहिब के पास पेह्रेवाली गांव से पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम ने गिरफ्तार किया था।
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Que: वाघा बॉर्डर पर उनकी वापसी को क्यों रोका गया?
Ans: पाकिस्तानी अधिकारियों ने डिपोर्टेशन रोकने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, फिलहाल मामला लाहौर हाईकोर्ट के अधीन है और सुनवाई चल रही है।
