

Iran Strikes US Embassy Baghdad: मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी महायुद्ध अब और भी विनाशकारी रूप ले चुका है। युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही ईरान ने जवाबी रणनीति के तहत इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार, 14 मार्च को बगदाद के 'ग्रीन ज़ोन' में स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर एक हेलीपैड पर मिसाइल गिरी। इस हमले के तुरंत बाद दूतावास परिसर के ऊपर धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया। ईरान लगातार खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कूटनीतिक परिसरों को निशाना बना रहा है जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह बंदरगाह के पास एक महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठान में आग लगने की घटना सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, हवा में मार गिराए गए एक ड्रोन का मलबा तेल प्रतिष्ठान पर गिरने से यह आग लगी। फुजैराह दुनिया के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में से एक है और यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है।
ईरान की यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के तेल नेटवर्क के लिए सबसे महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के रास्ते में दखल दिया तो अमेरिका ईरान के पूरे तेल नेटवर्क को ही तबाह कर सकता है।
जवाब में अमेरिका ने क्षेत्र में अपना सैन्य जमावड़ा बढ़ा दिया है। लगभग 2500 अतिरिक्त मरीन सैनिक और उभयचर हमलावर जहाज यूएसएस ट्रिपोली (USS Tripoli) को मध्य-पूर्व भेजा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर लेबनान में भी मानवीय संकट गहराता जा रहा है, जहां इजरायली हमलों में अब तक 800 लोग मारे जा चुके हैं और 8.5 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।