पाकिस्तान में मदरसे पर ड्रोन स्ट्राइक, क्लास में बैठे बच्चों को बनाया निशाना; हमले में कई छात्र घायल
Pakistan Madrasa Drone Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक मदरसे पर ड्रोन हमले से 9 बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित रहा।
- Written By: अमन उपाध्याय
पाकिस्तान में मदरसे पर ड्रोन स्ट्राइक, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक मदरसे पर हुए ड्रोन हमले ने इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला गुरुवार को टैंक जिले के शादिखेल गांव में स्थित एक धार्मिक मदरसे पर हुआ, जहां उस समय बच्चे कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। ड्रोन हमले में कुल नौ बच्चे घायल हो गए, जिनमें तीन लड़कियां और छह लड़के शामिल हैं।
स्थानीय प्रशासन ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमला अचानक हुआ, जिससे मदरसे में मौजूद बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया। रेस्क्यू 1122 की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को टैंक के जिला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। हालांकि, इस हमले के पीछे किसका हाथ है, इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी भी आतंकी या अन्य समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
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ड्रोन हमले के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मदरसे को निशाना बनाए जाने के विरोध में मौलवियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने टैंक जिले के मुख्य चौक पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस हमले को बर्बर और अमानवीय कृत्य करार देते हुए कड़ी निंदा की।
कई घंटों तक प्रमुख सड़कों पर प्रदर्शन
प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित रहा और बाजार बंद रहे जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) शब्बीर हुसैन मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। बाद में अतिरिक्त उपायुक्त नैमतुल्लाह और सहायक आयुक्त साजिद खान भी वार्ता में शामिल हुए।
प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद धरने को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस घटना को गंभीरता से लेने, दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
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यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जहां पहले भी ड्रोन और आतंकी हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिससे इस हमले के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
