
पाकिस्तान का सार्वजनिक कर्ज बढ़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Public Debt: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। देश का सार्वजनिक कर्ज अब सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 70 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जबकि वित्तीय घाटा तय कानूनी सीमा से काफी ऊपर चला गया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने माना है कि बीते वित्त वर्ष में सार्वजनिक कर्ज एक गंभीर चुनौती बना रहा।
मंत्रालय के अनुसार, कर्ज में बढ़ोतरी की मुख्य वजह ऊंची ब्याज दरें और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव रही। कराची स्थित अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2024 से जून 2025 के बीच पाकिस्तान का कुल सार्वजनिक कर्ज 71.2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 80.5 ट्रिलियन रुपये हो गया। इसी अवधि में कर्ज का GDP के मुकाबले अनुपात 67.6 प्रतिशत से बढ़कर 70.7 प्रतिशत तक पहुंच गया।
आंकड़ों के अनुसार, हर पाकिस्तानी नागरिक पर औसतन कर्ज का बोझ 13 प्रतिशत बढ़कर करीब 3.33 लाख रुपये हो गया है। संसद में पेश फिस्कल पॉलिसी स्टेटमेंट में बताया गया कि बजट घाटा कानूनी सीमा से 3 ट्रिलियन रुपये अधिक रहा, जिससे सरकार के वित्तीय अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सरकार ने बजट में रक्षा खर्च को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जबकि सामाजिक कल्याण और विकास कार्यों को अपेक्षाकृत कम महत्व मिला। विकास मद के लिए 1.7 ट्रिलियन रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन वास्तविक खर्च केवल 1.4 ट्रिलियन रुपये रहा। इसके विपरीत, रक्षा क्षेत्र में तय बजट से अधिक लगभग 2.2 ट्रिलियन रुपये खर्च किए गए, जबकि इसके लिए 2.1 ट्रिलियन रुपये आवंटित थे।
वित्त वर्ष 2024-25 प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार का पहला पूर्ण कार्यकाल रहा। इस दौरान सरकार ने खर्च में कटौती के दावे किए, लेकिन नए विभागों का गठन हुआ, मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया और सरकारी सुविधाओं पर खर्च बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता कर्ज और नियंत्रण से बाहर होता वित्तीय घाटा सरकार के वित्तीय अनुशासन के दावों को कमजोर करता है।
यह भी पढ़ें: रूस ने दिया जेलेंस्की को मॉस्को आने का न्योता! क्या थम जाएगा रूस-यूक्रेन के बीच चार साल का भीषण युद्ध?
इससे पता चलता है कि पाकिस्तान की शहबाज सरकार देश के बढ़ते कर्ज को कम करने में बुरी तरह से नाकाम रही है। साथ ही पाकिस्तान की निर्भरता IMF और अन्य देशों से मिलने वाले कर्ज पर पहले के मुकाबले और बढ़ गया है।






