लारिजानी की हत्या पर भड़के मोजतबा खामेनेई, कहा – खून की एक-एक बूंद की कीमत चुकानी होगी
Larijani Murder Revenge: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अली लारिजानी की हत्या पर इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि खून की हर बूंद का बदला लिया जाएगा और न्याय होकर रहेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mojtaba Khamenei’s Warning To Israel: ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी की हत्या के बाद मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। मोजतबा खामेनेई की इजरायल को चेतावनी अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है और ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि लारिजानी की शहादत बेकार नहीं जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। यह घटना न केवल ईरान बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए भी एक बहुत बड़ा और विनाशकारी मोड़ साबित होने वाली है।
कड़ा संदेश
मोजतबा खामेनेई ने हाल ही में जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि लारिजानी की मौत का हिसाब बराबर किया जाएगा। उन्होंने कसम खाई है कि इस हमले के पीछे जो भी ताकतें हैं उन्हें खून की एक-एक बूंद की कीमत चुकानी होगी। सुप्रीम लीडर के अनुसार दुश्मन के ऐसे कायराना कृत्य केवल इस्लामी राष्ट्र के संकल्प को और अधिक मजबूत करेंगे।
लारिजानी का महत्व
अली लारिजानी ईरान की सत्ता संरचना में एक बहुत ही प्रभावशाली और महत्वपूर्ण चेहरा माने जाते थे जिन्हें मुख्य टारगेट बनाया गया। उन्होंने लगभग दस सालों तक ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टिंग विभाग के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं और सब कुछ नियंत्रित किया था। साल 2005 में उन्हें सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव और मुख्य परमाणु वार्ताकार भी नियुक्त किया गया था।
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बड़ा नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि लारिजानी की मौत ईरान के लिए किसी बड़े विनाशकारी झटके से कम नहीं है और नेतृत्व कमजोर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार यह नुकसान संभवतः सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत से भी कहीं ज्यादा गहरा और बड़ा उलटफेर साबित होगा। लारिजानी का प्रभाव न केवल ईरान के भीतर बल्कि चीन और रूस जैसे शक्तिशाली देशों में भी बहुत व्यापक था।
परमाणु वार्ता
परमाणु वार्ताकार के रूप में लारिजानी ने हमेशा ईरान की परमाणु फाइल पर एक बहुत ही सख्त रुख अपनाकर दुनिया को चौंकाया था। उन्होंने यूरोपीय संघ द्वारा दी जा रही छूटों की तुलना मोती देकर टॉफी लेने जैसे सौदे से की थी और कड़ा रुख रखा। उनके इसी अडिग और मजबूत नेतृत्व के कारण वे हमेशा इजरायल और अमेरिका की आंखों की किरकिरी बने रहे थे।
बदले की कार्रवाई
लारिजानी की हत्या की पुष्टि होने के तुरंत बाद ईरान समर्थित समूहों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और हमलों की तैयारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमलों के जरिए बदला लेने की कसम खाकर संकल्प दोहराया गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने शीर्ष नेताओं पर हुए हमलों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और इंसाफ करेगा।
वैश्विक प्रभाव
लारिजानी का विशाल व्यक्तिगत प्रभाव उन्हें ईरानी राजनीति के हर स्तर पर एक बहुत ही शक्तिशाली खिलाड़ी बनाता था जो सुरक्षा सलाहकार भी रहे। 2020 में कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से यह ईरानी शासन के लिए सबसे बड़ी अपूरणीय क्षति मानी जा रही है। इस घटना ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को एक बहुत ही खतरनाक और अनिश्चित दिशा में धकेल दिया है।
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इंसाफ का वादा
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान के अंत में एक बार फिर दोहराया कि न्याय निश्चित रूप से किया जाएगा और संकल्प मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि दुश्मनों की शत्रुता ने अब सीमाएं पार कर दी हैं जिसका परिणाम अब उन्हें भुगतना ही पड़ेगा। ईरान अब अपनी सुरक्षा और गौरव की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हमले की पुष्टि
इजरायल ने कुछ दिन पहले ही इस हमले में अली लारिजानी को मार देने का बड़ा दावा अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने किया था। बाद में ईरान ने भी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि करते हुए मान लिया कि उनके शीर्ष नेता अब जीवित नहीं हैं। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी भीषण तनाव को सीधे युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
