पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर रोकी सैन्य कार्रवाई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Stops Military Operation Against Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रही भीषण जंग पर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान के तहत पाकिस्तान ने अपने हमलों को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि यह कदम पड़ोसी देशों के विशेष अनुरोध और ईद के पवित्र अवसर पर उठाया गया है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय दबाव और मध्यस्थता के बाद क्षेत्र में शांति बहाल करने की एक छोटी कोशिश है।
पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन गजब लील हक’ को अस्थायी रूप से रोकने की आधिकारिक घोषणा सोशल मीडिया पर की है। सूचना मंत्री के अनुसार यह निर्णय सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मित्र देशों की मध्यस्थता और विशेष अनुरोध पर लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ईद-उल-फितर के दौरान शांति बनाए रखना और निर्दोष नागरिकों को युद्ध की विभीषिका से थोड़ी राहत देना है।
सरकार द्वारा घोषित यह विशेष सीजफायर बुधवार की आधी रात से आधिकारिक तौर पर पूरे सीमा क्षेत्र में प्रभावी तरीके से लागू हो जाएगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी रोक सोमवार की आधी रात तक निरंतर और पूरी तरह से जारी रहेगी। यह समयसीमा केवल ईद के त्योहार को ध्यान में रखकर तय की गई है ताकि लोग बिना किसी डर के उत्सव मना सकें।
इससे पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर मौजूद आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर और तालिबान के मिलिट्री सेटअप को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया था। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उन्होंने केवल उन जगहों पर हमला किया जो आतंकवादियों को पनाह देने या उन्हें बढ़ावा देने में शामिल थे। राजधानी काबुल समेत कई अन्य प्रमुख इलाकों में हवाई हमले किए गए जिससे अफगानिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
सीजफायर की घोषणा के साथ ही पाकिस्तान ने अफगान प्रशासन को एक बहुत ही स्पष्ट और कड़ी चेतावनी भी जारी की है। अगर इस दौरान कोई भी क्रॉस-बॉर्डर हमला, ड्रोन हमला या पाकिस्तान के अंदर आतंकी घटना होती है तो सैन्य ऑपरेशन तुरंत शुरू होगा। पाकिस्तान का कहना है कि वे इस शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से अच्छी नीयत और इस्लामी नियमों के तहत लागू कर रहे हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह भीषण विवाद फरवरी के आखिर में शुरू हुआ था जिसके बाद लगातार सीमा पार झड़पें हुई हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान उन उग्रवादियों को सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करता है जो सीमा पार आकर पाकिस्तान में हमला करते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय पिछले कई हफ्तों से दोनों देशों के बीच जारी इस खूनी संघर्ष को रोकने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
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हाल ही में काबुल के एक अस्पताल पर हुए हमले के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को घेरते हुए 400 मौतों की जांच की मांग की है। भारत ने भी काबुल अस्पताल पर हुए इस पाकिस्तानी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे धर्म के खिलाफ और अमानवीय बताया है। यह अस्पताल कभी अमेरिकी सैन्य बेस हुआ करता था जिसे बाद में तालिबान ने एक रीहैब सेंटर और अस्पताल में बदल दिया था।
भले ही फिलहाल युद्ध को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है लेकिन दोनों देशों के बीच गहरा तनाव अभी भी पूरी तरह बना हुआ है। सोमवार आधी रात के बाद स्थिति क्या मोड़ लेगी यह पूरी तरह से अफगानिस्तान की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह अस्थायी सीजफायर किसी स्थाई शांति समझौते में बदल पाएगा।