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रिपोर्ट का दावा: पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए बांग्लादेश का कर रहा इस्तेमाल

Anti-India Terror: यूरेशिया रिव्यू की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान बांग्लादेश की जमीन का उपयोग भारत विरोधी साजिशों के लिए कर रहा है। ढाका को कट्टरपंथ और इस्लामाबाद के नापाक इरादों से सावधान रहना चाहिए।

  • Written By: प्रिया सिंह
Updated On: Jan 20, 2026 | 08:35 AM

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ (सोर्स-सोशल मीडिया)

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Pakistan’s increasing interference: यूरेशिया रिव्यू की हालिया रिपोर्ट में बांग्लादेश को पाकिस्तान की बढ़ती दखलअंदाजी पर एक बड़ी चेतावनी दी गई है। पाकिस्तान अपने निहित स्वार्थों के लिए बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों हेतु कर रहा है। मौजूदा हालात ने वहां के कट्टरपंथी इस्लामी समूहों को अपनी जड़ें दोबारा मजबूत करने का मौका दे दिया है। ढाका को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकी लॉन्च पैड के रूप में न हो सके।

भारत विरोधी एजेंडा

रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश को पाकिस्तान के पीछे छिपे हुए असली और स्वार्थी इरादों को गंभीरता से समझना होगा। इस्लामाबाद का मुख्य लक्ष्य बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल करके भारत के खिलाफ अपने नापाक एजेंडे को बढ़ाना है। पाकिस्तान वहां आतंकवाद पनपने से होने वाले विनाशकारी परिणामों की बिल्कुल भी परवाह नहीं करता नजर आता है।

ऑपरेशन सर्चलाइट का सच

करीब साढ़े पांच दशक पहले पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ नामक खूनी अभियान चलाया था। बांग्लापीडिया के अनुसार यह 25 मार्च 1971 को शुरू हुआ एक निर्दयी सशस्त्र सैन्य अभियान था जिसका लक्ष्य आंदोलन कुचलना था। 1,450 से अधिक विद्वानों ने इस कार्रवाई को तानाशाही शासन के खिलाफ उठ रही स्वतंत्र आवाजों को दबाने वाला बताया है।

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विदेशी मीडिया पर रोक

रावलपिंडी ने उस दौरान पूर्वी पाकिस्तान में विदेशी मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। मीडिया की गैर-मौजूदगी के कारण सेना के जवानों में किसी भी प्रकार का डर या जवाबदेही की भावना नहीं थी। उन्होंने इस स्थिति का फायदा उठाकर स्थानीय निवासियों पर अकल्पनीय और अत्यंत हृदयविदारक अत्याचार किए थे।

जमात-ए-इस्लामी की भूमिका

इस सैन्य अभियान में पाकिस्तानी सेना के साथ ईस्ट पाकिस्तान सेंट्रल पीस कमेटी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। इस कमेटी में जमात-ए-इस्लामी जैसी कट्टरपंथी पार्टियां शामिल थीं जिन्होंने आम जनता के साथ बहुत बर्बरता की। इन समूहों के सहयोग से ही 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसक कृत्य किए गए।

विफल इस्लामीकरण प्रयास

इतनी क्रूरता के बावजूद पाकिस्तानी सेना बांग्लादेश को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने से रोकने में पूरी तरह असफल रही। इसके बाद भी पाकिस्तान ने वहां के जनसमुदाय के इस्लामीकरण के अपने प्रयासों को कभी भी पूरी तरह बंद नहीं किया। उसका उद्देश्य धर्म के आधार पर बांग्लादेश को अपने साथ जोड़कर भारत के खिलाफ इस्तेमाल करना बना हुआ है।

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सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

मौजूदा अस्थिरता का फायदा उठाकर पाकिस्तान वहां कट्टरपंथी समूहों को फिर से संगठित और सक्रिय कर रहा है। वह भारत को निशाना बनाने के लिए कई आतंकी संगठनों का एक खतरनाक गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटा है। नई दिल्ली को इस खतरे से निपटने के लिए एक बहुत ही सक्रिय और ठोस रक्षा रणनीति तैयार करनी चाहिए।

भविष्य के लिए चेतावनी

बांग्लादेश की आने वाली सरकारों को अपने अतीत के कड़वे अनुभवों से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश में धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने वाला कोई भी राजनीतिक संरक्षण न पनपे। रिपोर्ट आगाह करती है कि उग्रवाद को रोकना कठिन है और पाकिस्तान खुद इसका एक सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण है।

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Frequently Asked Questions

  • Que: रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान का बांग्लादेश में मुख्य स्वार्थ क्या है?

    Ans: पाकिस्तान बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने और आतंकी गतिविधियों के लिए लॉन्च पैड के रूप में करना चाहता है।

  • Que: 'ऑपरेशन सर्चलाइट' क्या था और इसकी प्रकृति कैसी थी?

    Ans: यह 25 मार्च 1971 को पाकिस्तानी सेना द्वारा बंगाली आंदोलन को कुचलने के लिए चलाया गया एक अत्यंत निर्दयी और क्रूर सैन्य अभियान था।

  • Que: 1971 के दौरान जमात-ए-इस्लामी की क्या भूमिका रही थी?

    Ans: जमात-ए-इस्लामी ने पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर 'पीस कमेटी' के माध्यम से आम लोगों पर अकल्पनीय अत्याचार किए थे।

  • Que: पाकिस्तान भारत को निशाना बनाने के लिए क्या तैयारी कर रहा है?

    Ans: रिपोर्ट के अनुसार रावलपिंडी भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने के साथ-साथ आतंकी संगठनों के एक समूह को संगठित कर रहा है।

  • Que: रिपोर्ट में बांग्लादेश की अगली सरकार को क्या चेतावनी दी गई है?

    Ans: अगली सरकार को धार्मिक कट्टरता को राजनीतिक संरक्षण देने से बचना चाहिए, क्योंकि उग्रवाद को नियंत्रित करना बेहद कठिन होता है।

Pakistan bangladesh terror activities anti india agenda security threat report

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Published On: Jan 20, 2026 | 08:35 AM

Topics:  

  • Bangladesh
  • Pakistan
  • terrorist activities
  • World News

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