म्यूनिख में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर का गेट पर रोका गया रास्ता (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Army Chief Munich Visit 2026: पाकिस्तान आर्मी चीफ का म्यूनिख दौरा 2026 के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर जब म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे, तो उन्हें प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोक लिया गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि एक महिला सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें रुकने और अपना आईडी कार्ड दिखाने का निर्देश दिया। यह घटना वैश्विक सुरक्षा सम्मेलन के कड़े प्रोटोकॉल और नियमों की गंभीरता को दर्शाती है।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के प्रवेश द्वार पर तैनात एक महिला अधिकारी ने आसिम मुनीर को रोकते हुए कहा कि वे अपना आईडी कार्ड ठीक से दिखाएं। वीडियो में अधिकारी मुनीर के नेम बैज पर टैप करते हुए उन्हें उसे सामने की ओर घुमाने का निर्देश देती नजर आ रही है। मुनीर ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत सुरक्षा अधिकारी की बात मान ली और कार्ड को सही दिशा में घुमाकर अंदर चले गए।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने इसे प्रोटोकॉल का अपमान बताया, जबकि विशेषज्ञों ने इसे सामान्य प्रक्रिया माना है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए एक मानक सुरक्षा जांच का हिस्सा मात्र थी। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों के लिए पद से ज्यादा सुरक्षा नियमों का पालन महत्वपूर्ण था जिसे मुनीर ने भी स्वीकार किया।
सम्मेलन स्थल के बाहर पाकिस्तान की भागीदारी और विशेष रूप से सेना प्रमुख की उपस्थिति का सिंधी राजनीतिक संगठन JSMM ने कड़ा विरोध किया। संगठन के अध्यक्ष शफी बुरफत ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को पत्र लिखकर मुनीर को आमंत्रित करने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए और नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और क्षेत्रीय अस्थिरता के आरोपों को लेकर जमकर नारेबाजी की और पोस्टर दिखाए।
इन छोटी घटनाओं और विरोध प्रदर्शनों के बीच आसिम मुनीर ने सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों से मुलाकात की। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुनीर ने इस मंच का उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का सुरक्षा दृष्टिकोण और अपनी स्थिति मजबूती से रखने के लिए किया।
जर्मनी में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। मानवाधिकार संस्थाओं ने पाकिस्तान में होने वाले दमनकारी कदमों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं और आयोजकों से ऐसे आमंत्रणों पर विचार करने को कहा। हालांकि सम्मेलन के भीतर चर्चाएं मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियों पर ही केंद्रित रहीं।
जैसे ही ‘आईडी दिखाइए’ वाला वीडियो इंटरनेट पर फैला, वैसे ही पाकिस्तान और भारत सहित दुनिया भर के यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कुछ यूजर्स ने इसे सुरक्षा अधिकारी की कर्तव्यनिष्ठा बताया, तो वहीं कुछ ने इसे पाकिस्तानी सेना प्रमुख की वैश्विक साख से जोड़कर देखा। वीडियो की लोकप्रियता ने सम्मेलन के कड़े नियमों को लेकर आम जनता के बीच एक नई जिज्ञासा पैदा कर दी है।
Field Marshal Asim Munir’s ID check overseas fuels debate over his dignity and popularity pic.twitter.com/VWAuehwC5c — PAK Lens (@paklens) February 14, 2026
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म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन 2026 वैश्विक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अत्यंत प्रभावशाली और बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच साबित हुआ है। यहां दुनिया भर के दिग्गज नेताओं ने एकजुट होकर आतंकवाद और युद्ध जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीतियों पर काम किया। पाकिस्तान के लिए यह आयोजन अपनी छवि सुधारने और बड़े देशों के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत करने का एक अवसर था।