

Imran Masood On SP Alliance: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने लगे हैं। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन लखनऊ दौरे पर थे। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष ने संगठन और सहयोगी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करके पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया। वहीं, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में अभी भी सीट बंटवारे पर खींचतान चल रही है।
कांग्रेस की तरफ से सांसद इमरान मसूद और प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम बैटिंग कर रहे हैं। इमरान मसूद ने तो यहां तक दावा कर दिया कि 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की वजह से सपा 37 सीट जीतने में सफल रही। उनके अनुसार, कांग्रेस से ज्यादा सपा को गठबंधन की जरूरत थी।
मीडिया एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान इमरान मसूद ने SP नेता उदयवीर सिंह के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ही गठबंधन के लिए चिल्ला रही है। गठबंधन की वजह से ही आप 2024 में 37 सीटें ला पाए, वरना 2022 में 120 सीटें भी पार नहीं कर पाते। समाजवादी पार्टी एक मुस्लिम नेता या बोलने वाले नेता को बर्दाश्त नहीं कर सकती और ऐसा नेता अब कांग्रेस में है।
सपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में किसे खत्म किया गया? मुख्तार, अतीक अहमद, आजम खान को। उन पर इल्जाम नहीं है। मैंने अपनी सीट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की वजह से जीती है। मैंने चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के लिए एक भी रैली नहीं की, तब भी जब हम गठबंधन में थे।
समाजवादी पार्टी की तरफ से अभी तक केवल उदयवीर सिंह ने कांग्रेस को लेकर टिप्पणी की है। पार्टी आलाकमान की तरफ से अभी तक केवल कांग्रेस के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही गई है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा सपा को ऐसे तेवर दिखाने के पीछे मुख्य कारण सूबे की 143 सीट को माना जा रहा है। इन सीटों पर मुस्लिम वोट बैंक का अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है।
दरअसल मुस्लिमों के एक बड़े हिस्से का झुकाव शुरू से ही कांग्रेस की तरफ रहा है। इसके अलावा पिछले कुछ सालों से भी कांग्रेस खुद को मुस्लिम मतदाताओं के बीच स्थापित करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस, सपा के MY समीकरण से M को अपने पाले में लाने की लगातार कोशिश कर रही है। कांग्रेस की तरफ से लोकसभा सांसद इमरान मसूद और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी सूबे में लगातार मुस्लिमों के बीच मौजूदगी दिखाई है। वहीं, सपा के दिग्गज मुस्लिम चेहरे आजम खान अभी जेल में बंद हैं।
बता दें, प्रदेश की 36 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर मुस्लिम उम्मीदवार अपने बूते ही पार्टी को जीत दिला सकते हैं। इसके अलावा 107 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत मुस्लिम तय कर सकते हैं।