प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप, रिंग ऑफ फायर के पास फिर हिली धरती; मचा हड़कंप
Earthquake Pacific Ocean: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने बताया कि उत्तरी प्रशांत महासागर में सोमवार दोपहर 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंप पृथ्वी की सतह से केवल 10 किलोमीटर की...
- Written By: अमन उपाध्याय
प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप, सांकेतिक तस्वीर, (सो. सोशल मीडिया)
Earthquake News Today: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सोमवार दोपहर 12:53:18 IST पर उत्तरी प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस के मुताबिक, इसका केंद्र 39.64° उत्तर अक्षांश और 143.51° पूर्व देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जो इसे उथला भूकंप बनाती है।
भूविज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, उथले भूकंप (shallow earthquakes) सतह के बेहद करीब आते हैं, इसलिए इनसे होने वाला नुकसान गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा होता है। जब पृथ्वी की सतह के पास ऊर्जा का तीव्र उत्सर्जन होता है, तो जमीन का कंपन बढ़ जाता है और कंपन की तीव्रता से इमारतों, सड़कों और समुद्री इलाकों को भारी नुकसान हो सकता है।
EQ of M: 6.1, On: 10/11/2025 12:53:18 IST, Lat: 39.64 N, Long: 143.51 E, Depth: 10 Km, Location: North Pacific Ocean.
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लगातार आते रहते हैंं भूकंप
भूकंप का यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के चारों ओर फैली एक विशाल भूकंपीय पट्टी का हिस्सा है, जिसे “रिंग ऑफ फायर” (Ring of Fire) कहा जाता है। यह क्षेत्र पृथ्वी के सबसे सक्रिय टेक्टोनिक इलाकों में से एक है, जहां दुनियाभर के लगभग 90% भूकंप दर्ज किए जाते हैं।
रिंग ऑफ फायर लगभग 40,000 किलोमीटर लंबी और 500 किलोमीटर चौड़ी एक भूकंपीय पट्टी है, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैली है। इस क्षेत्र में समुद्री प्लेटें एक-दूसरे के नीचे धंसती रहती हैं, जिससे सबडक्शन ज़ोन (Subduction Zone) बनते हैं। इन्हीं प्लेटों के आपसी टकराव और खिसकने से लगातार भूकंप आते रहते हैं।
भूकंप को लेकर क्या कहता है इतिहास?
इतिहास में इस इलाके में आए कई बड़े भूकंपों ने दुनिया को हिला दिया था। इनमें 1960 का M9.5 वाल्डिविया (चिली) भूकंप और 1964 का M9.2 अलास्का भूकंप प्रमुख हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, विश्व के 81% बड़े भूकंप इसी पट्टी में दर्ज किए जाते हैं।
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हर साल लगभग 5 लाख भूकंप
वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी पर हर साल लगभग 5 लाख भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से करीब 1 लाख भूकंप महसूस किए जा सकते हैं। रिंग ऑफ फायर की सक्रियता के कारण प्रशांत महासागर के तटीय देश जापान, इंडोनेशिया, चिली, फिलीपींस और अमेरिका का पश्चिमी तट सबसे अधिक खतरे में रहते हैं।
