OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन (सोर्स- सोशल मीडिया)
OpenAI CEO Sam Altman House Attack: OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन के घर पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है।सैन फ्रांसिस्को पुलिस ने इस मामले में 20 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह हमला शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब आरोपी ने ऑल्टमैन के घर पर मोलोटोव कॉकटेल (पेट्रोल बम) फेंका और मौके से फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, इस हमले में घर के बाहरी गेट का एक हिस्सा जल गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। घटना नॉर्थ बीच इलाके की एक रिहायशी संपत्ति में हुई थी। बाद में OpenAI के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि यह मकान सैम ऑल्टमैन का ही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर को घटना के करीब एक घंटे बाद OpenAI के मुख्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि वह वहां भी इमारत को आग लगाने की धमकी दे रहा था। फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है और जांच जारी है।
View our latest statement regarding an incident that occurred early this morning at a North Beach residence. Officers have made an arrest, and no injuries were reported as a result of this incident. pic.twitter.com/t4DsF31uxh — San Francisco Police (@SFPD) April 10, 2026
कंपनी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी कर्मचारी और संबंधित लोग सुरक्षित हैं। साथ ही, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार भी जताया गया है। OpenAI ने भरोसा दिलाया है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो रही है। OpenAI और उसके नेतृत्व को लेकर भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले कुछ महीनों में कंपनी के दफ्तरों के बाहर विरोध प्रदर्शन और धमकी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें इसके सरकारी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों को लेकर आलोचना भी शामिल है।
यह भी पढ़ें- अमेरिका के साथ ‘खेल’ मत खेलना…शांति वार्ता से पहले जेडी वेंस की ईरान को खुली धमकी, इस्लामाबाद में होगी बैठक
मोलोटोव कॉकटेल एक साधारण लेकिन खतरनाक ज्वलनशील हथियार होता है, जिसे आमतौर पर कांच की बोतल में पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील तरल भरकर बनाया जाता है। बोतल के मुंह पर कपड़ा लगाकर उसे जलाया जाता है और लक्ष्य पर फेंका जाता है। बोतल टूटते ही तरल फैलकर आग पकड़ लेता है और तेजी से फैल सकता है। इसका उपयोग अक्सर दंगों या हिंसक प्रदर्शनों में किया जाता है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने यह हमला किस मंशा से किया और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश थी।