मस्कट एयरपोर्ट पर भारी भीड़, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहराते ही खाड़ी देशों में अफरा-तफरी का माहौल है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष ने न केवल ज़मीनी हालात खराब किए हैं, बल्कि इसका सीधा असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हालात को देखते हुए अब ओमान के मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने प्राइवेट जेट की उड़ानों पर सख्त सीमाएं तय कर दी हैं।
मिडिल ईस्ट में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरों के बीच अधिकांश हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने से हजारों यात्री विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। इस संकटपूर्ण स्थिति का लाभ उठाने और जान बचाने के लिए क्षेत्र के बेहद अमीर लोग प्राइवेट जेट का सहारा ले रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए भारी-भरकम कीमत चुका रहे हैं। कुछ मामलों में तो यात्री विमानों को लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के बीच उड़ान भरनी पड़ रही है।
मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रशासन ने भीड़ और दबाव को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। एयरपोर्ट की ओर से चार्टर विमान कंपनियों को भेजे गए एक ईमेल में स्पष्ट किया गया है कि मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही फिलहाल केवल पहले से तय सीजनल शेड्यूल वाली सेवाओं तक ही सीमित रहेगी।
एयरपोर्ट ने ऑपरेटरों से कहा है कि वे स्वीकृत सीजनल शेड्यूल से बाहर के सभी स्लॉट रद्द कर दें और अगली सूचना तक नई उड़ानों के लिए आवेदन न भेजें। यह फैसला एयरपोर्ट की क्षमता को तय सीमा के भीतर बनाए रखने और नियमित कमर्शियल उड़ानों को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है।
हालांकि, संकट के बीच फंसे लोगों के लिए राहत की बात यह है कि दूतावासों द्वारा प्रायोजित ‘रिपैट्रिएशन फ्लाइट्स’ पर विचार किया जा सकता है बशर्ते उनके लिए कूटनीतिक माध्यमों से अनुमति ली गई हो । इन विशेष उड़ानों में सीटों की व्यावसायिक बिक्री की अनुमति नहीं होगी। क्षेत्र में युद्ध की विभीषिका पूरे मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। लेबनान जैसे क्षेत्रों से तबाही की खबरें आ रही हैं जहां बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं।
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इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने इस क्षेत्र को एक बड़े संकट में डाल दिया है जिससे न केवल स्थानीय लोग बल्कि विदेशी कारोबारी और सैलानी भी दहशत में हैं। सरकारें अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत अभियान चला रही हैं लेकिन हवाई क्षेत्र में पाबंदियों के कारण यह कार्य चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।