हॉस्पिटल नहीं, आतंकी अड्डा! अस्पताल में चल रहे कमांड सेंटर को इजरायल ने किया नेस्तनाबूद
Israel Hamas War: इज़रायली सेना ने गाज़ा स्थित एक अस्पताल को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया है, जहां से हमास के आतंकी कमांड और कंट्रोल सेंटर का संचालन कर रहे थे। इस हमले में कई आतंकियों के मारे जाने की संभावना जताई जा रही..
- Written By: अमन उपाध्याय
अस्पताल में चल रहे कमांड सेंटर को इजरायल ने किया नेस्तनाबूद, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
गाजा: रविवार तड़के इज़राइली सेना ने उत्तरी ग़ाज़ा स्थित एक अस्पताल पर हमला किया, जिसके कारण वहां भर्ती मरीजों को बाहर निकाला गया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़राइल ने पहले अल-अहली अस्पताल को खाली करने की चेतावनी दी थी और उसके बाद हमला किया। अस्पताल खाली कराए जाने के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई क्योंकि चिकित्सक समय पर उपचार नहीं दे पाए।
यरुशलम डायोसिस के अधीन संचालित एक अस्पताल पर ‘पाम संडे’ के दिन हमला किया गया, जो उस अवसर की स्मृति में मनाया जाता है जब यीशु मसीह यरुशलम में प्रवेश किए थे। डायोसिस ऑफ यरुशलम ने इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह हमला उस समय हुआ जब ईसाई समुदाय होली वीक की शुरुआत कर रहा था, जो पूरे वर्ष का सबसे पवित्र सप्ताह माना जाता है।
कमांड और कंट्रोल सेंटर को बनाया निशाना
इजरायली पक्ष का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में स्थित एक कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया, जिसे हमास कथित तौर पर इजरायली नागरिकों और सैनिकों पर हमले की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए उपयोग कर रहा था। हालांकि, इजरायल ने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
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सोशल मीडिया मंच पर साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, हालिया हमले में आपातकालीन कक्ष, फार्मेसी और आस-पास की कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे 100 से अधिक मरीजों और दर्जनों स्वास्थ्यकर्मियों पर असर पड़ा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस हमले से बाह्यरोग विभाग और प्रयोगशालाएं पूरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि आपातकालीन वार्ड को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सामने आई तस्वीरों में अस्पताल की सीमेंट की छत गिरी हुई नजर आई, और चारों ओर मलबे का ढेर फैला हुआ था।
इजरायली सैनिकों पर हमला करने की थी योजना
स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक डॉ. मुनीर अल-बोर्श ने बताया कि लोगों को वहां से निकालने की प्रक्रिया बेहद दर्दनाक रही, जिसमें मरीजों को उनके बेड समेत सड़कों पर ले जाना पड़ा। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 11 लोगों की जान गई है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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इज़राइल ने बताया कि हमले से पहले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से चेतावनी जारी की गई थी और क्षेत्र की हवाई निगरानी की गई थी। इसके कुछ घंटे बाद, मध्य गाज़ा के दीर अल-बलाह क्षेत्र में एक कार पर किए गए एक अन्य हमले में कम से कम सात लोगों की जान चली गई। अल-अक्सा शहीद अस्पताल के मुर्दाघर कर्मियों के अनुसार, मरने वालों में छह सगे भाई और उनका एक दोस्त शामिल था। सभी शवों को इसी अस्पताल में रखा गया है। इजरायली सेना का कहना है कि उसने दीर अल-बलाह में एक और कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया, जहां उस समय कई हमास के लड़ाके मौजूद थे और वे इजरायली सैनिकों पर हमला करने की योजना बना रहे थे।
हमले से पहले ही मिल चुकी थी चेतावनी
यह हमला उस क्षेत्र में कार पर हुए हमले से संबंधित नहीं था, जिसकी जांच सेना कर रही है। ये घटनाएं इज़राइली रक्षा मंत्री के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि गाज़ा में सैन्य अभियान तेज़ी से आगे बढ़ेगा और लोगों को “संघर्ष वाले क्षेत्रों” से हट जाना चाहिए। इजरायली अधिकारियों ने हमास पर दबाव डालने की प्रतिबद्धता दोहराई है ताकि वह बाकी बचे 59 बंधकों को रिहा करे और नए संघर्षविराम प्रस्ताव को स्वीकार करे। इन बंधकों में से 24 के जीवित होने की संभावना जताई गई है। अल-अहली अस्पताल के निदेशक डॉ. फदेल नईम ने बताया कि उन्हें हमले से पहले ही चेतावनी मिल चुकी थी।
