किम जोंग उन का ‘क्रूर कानून’; म्यूजिक सुनने पर टीनएजर्स को उतारा मौत के घाट, रूह कंपा देगी ये रिपोर्ट
North Korea Teen Execution: उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने दक्षिण कोरियाई ड्रामा 'स्क्वीड गेम' देखने और K-Pop म्यूजिक सुनने के 'जुर्म' में हाई स्कूल के छात्रों को सरेआम मौत के घाट उतार दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
उत्तर कोरिया में टीनएजर्स को दी गई मौत की सजा , फोटो (सो. सोशल मीडिया)
North Korea News In Hindi: उत्तर कोरिया में तानाशाह किम जोंग उन के क्रूर नियमों ने एक बार फिर दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, वहां के यांगगांग प्रांत में कुछ हाई स्कूल के छात्रों को केवल इसलिए मौत की सजा दे दी गई क्योंकि उन्होंने दक्षिण कोरिया का मशहूर थ्रिलर ड्रामा ‘स्क्वीड गेम’ देख लिया था और K-Pop म्यूजिक सुना था। प्रशासन को इन बच्चों के बारे में भनक लगते ही उन्हें बिना किसी रहम के सरेआम फांसी पर लटका दिया गया।
‘एंटी-रिएक्शनरी थॉट’ कानून का कहर
उत्तर कोरिया में विदेशी संस्कृति, विशेष रूप से दक्षिण कोरियाई मनोरंजन पर पूर्ण प्रतिबंध है। साल 2020 में किम जोंग-उन की सरकार ने ‘एंटी-रिएक्शनरी थॉट एंड कल्चर एक्ट’ लागू किया था। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति दक्षिण कोरियाई फिल्म देखते पकड़ा जाता है, तो उसे 5 से 15 साल तक बंधुआ मजदूरी करनी पड़ती है लेकिन यदि कोई इसे बांटते या समूह में देखते पकड़ा जाए तो सजा सिर्फ मौत है। साल 2021 में इस शो (‘स्क्वीड गेम’) को बांटने वाले एक व्यक्ति को भी मौत की सजा दी गई थी।
मैदान में सरेआम ‘मौत का तमाशा’
एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इन बच्चों और युवाओं को डराने के लिए सरेआम सामूहिक हत्याएं करती है। एक गवाह, किम युनजू ने बताया कि जब वे महज 16-17 साल की थीं तब उन्हें और उनके क्लासमेट्स को जबरन मैदान में ले जाकर लोगों को मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया था ताकि उनके दिमाग में नियमों को तोड़ने का खौफ बैठ जाए। इसे वहां की सरकार ‘वैचारिक शिक्षा’ कहती है।
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अमीरों के लिए रिश्वत, गरीबों के लिए मौत
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वहां का कानून सबके लिए समान नहीं है। 2019 में उत्तर कोरिया से भागने वाली चोई सुबिन के अनुसार, सजा से बचने का एकमात्र तरीका पैसा है। जिन रसूखदार लोगों के पास 5,000 से 10,000 डॉलर होते हैं वे रिश्वत देकर बच जाते हैं जबकि गरीब लोगों के हिस्से में सिर्फ मौत आती है।
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विदेशी संस्कृति से डरता है तानाशाह
उत्तर कोरिया की सरकार को डर है कि दक्षिण कोरियाई फिल्में और संगीत (जैसे BTS बैंड) उनके ‘वैचारिक किले’ को ढहा देंगे। यही कारण है कि वहां विदेशी संगीत सुनने मात्र को भी सबसे बड़ा अपराध माना जाता है और स्कूली बच्चों तक को इसकी भारी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
