न्यूजीलैंड ने बनाया दुनिया का पहला इलेक्ट्रिक जेट, एक बार चार्ज और 500 किमी का सफर
Electric Aircraft : एलिया विमान के परीक्षणों से साबित किया है कि अब हमें उड़ने के लिए तेल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। 480 किमी की रेंज और 2000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर बिजली से उड़ना उपलब्धि है।
- Written By: रंजन कुमार
इलेक्ट्रिक जेट। इमेज-सोशल मीडिया
Electric Aircraft News : कल्पना कीजिए कि आप बादलों के ऊपर सफर कर रहे हैं, लेकिन न तो कान फाड़ने वाला शोर है और न ही पीछे धुआं छोड़ने वाला इंजन। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि हकीकत बनने जा रही है। एयर न्यूजीलैंड ने मिशन नेक्स्ट जेनरेशन एयरक्राफ्ट के तहत विमानन जगत में एक ऐसी क्रांति की शुरुआत कर दी है, जो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल पर हमारी निर्भरता को खत्म कर देगी।
हाल ही में एयर न्यूजीलैंड ने दुनिया को चौंकाते हुए अपने पहले ऑल इलेक्ट्रिक विमान की सफल टेस्टिंग पूरी कर ली है। यह भविष्य की उस उड़ान की नींव है, जहां आसमान में विमान ईंधन से नहीं बल्कि बिजली से दौड़ेंगे।
अमेरिका और न्यूजीलैंड की जुगलबंदी
ग्रीन एयर न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के लिए एयर न्यूजीलैंड ने अमेरिकी कंपनी बीटा टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत एलिया (ALIA) नामक एक क्रांतिकारी विमान को चुना गया है। यह विमान इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग (eVTOL) तकनीक पर आधारित है। टेस्टिंग के दौरान इस विमान ने वह कर दिखाया जिसे नामुमकिन माना जा रहा था। न्यूजीलैंड के ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों और गहरे समंदर के ऊपर उड़ते हुए इस इलेक्ट्रिक विमान ने एक बार चार्ज होने पर 480 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की, जो छोटे रूटों के लिए एक नया विश्व रिकॉर्ड है।
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क्यों खास है एलिया विमान?
इस विमान की सबसे बड़ी खूबी इसका पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होना है। एलिया उड़ान भरते समय जरा भी कार्बन उत्सर्जन नहीं करता। साथ ही इसका शोर इतना कम है कि यह किसी घरेलू वैक्यूम क्लीनर या मिक्सी से भी धीमी आवाज करता है। परीक्षण के दौरान तेज हवाओं और खराब मौसम के बावजूद इसने 2000 फीट की ऊंचाई पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। यह साबित हो गया है कि बिजली से चलने वाले इंजन भी पारंपरिक टर्बोप्रॉप इंजनों जितनी ही शक्ति रखते हैं।
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नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य
न्यूजीलैंड सरकार ने 2050 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। एयर न्यूजीलैंड का यह कदम न केवल उस लक्ष्य को पाने में मदद करेगा, बल्कि पूरी दुनिया को रास्ता दिखाएगा कि बिजली से हवाई सफर अब केवल एक सपना नहीं रह गया है।
