नेपाल के PM ओली की दो टूक, हिंसा भड़काने वाले बख्शे नहीं जाएंगे चाहे वह पूर्व राजा ही क्यों न हों
नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने पूर्व राजा ज्ञानेंद्र सिंह पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि संविधान का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह पूर्व राजा ही क्यों न हो।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली। (सौजन्य: सोशल मीडिया)
काठमांडू : नेपाल में मानो गृह युद्ध छिड़ गया हो। राजशाही समर्थकों की ओर से काठमांडू में लगातार हो रहे उग्र विरोध के चलते हालात बेकाबू हो गए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में किया जा रहा है लेकिन रह-रहकर विरोध शुरू हो जा रहा है। इस मामले में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने संसद में बड़ा बयान दिया है। उन्होेंने आरोप लगाया है कि नेपाल में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने ही हिंसा भड़काई है।
संसद में भाषण देते हुए पीएम ओली ने कहा कि देश का संविधान सबसे ऊपर है। यहां रहने वाले सभी व्यक्ति को संविधान का पालन करना ही पड़ेगा। उन्होेंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि यदि संविधान का उल्लंघन किया जाएगा तो उसके खिलाफ सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी चाहे वह आम व्यक्ति हो या फिर पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ही क्यों न हों।
ओली बोले- कानून के दायरे में रहे चाहे वह पूर्व राजा ही क्यों न हों
पीएम ओली ने संसद में भाषण देते हुए कहा कि देश में राजशाही और संविधान को लेकर जंग छिड़ी हुई है। लेकिन यह बात सभी को समझ लेनी चाहिए कि देश का संविधान और कानून सर्वोपरि है। ओली ने साफ शब्दों में कहा कि पूर्व राजा ज्ञानेंद्र हिंसा भड़का रहे हैं।उन्होंने कहा कि पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह प्रजातंत्र दिवस पर लोगों से समर्थन मांग रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व राजा ने असामाजिक तत्वों को विरोध प्रदर्शन का जिम्मा सौंपा है जो लोगों को हिंसा के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कानून सब के लिए बराबर है और आरोप सिद्ध हुए तो पूर्व राजा भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
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पूर्व राजा ने 2008 समझौते का उल्लंघन किया
प्रधानमंत्री ओली ने आरोप लगाया है कि पूर्व राजा ज्ञानेंद शाह ने 2008 के समझौते का उल्लंघन किया है। इस समझौते के अंतर्गत सरकार ने उन्हें आम नागरिक की तरह व्यापार करने और शांति पूर्ण जीवन व्यतीत करने की अनुमति दी थी। इसमें कुछ विशेष छूट भी शामिल की गई है। इसमें नागार्जुन दरबार के प्रयोग करना भी शामिल है। वहीं सकरार सभी से संविधान और कानून के दायरे में रहकर विरोध जताने की अपील कर रही है।
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संविधान का पालन न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
पीएम ओली ने साफ कर दिया है कि संविधान का पालन न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शुक्रवार को हुई हिंसा में शामिल लोगों को चिह्नित कर सजा दी जाएगी। वहीं प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नेपाल में फिर से राजशाही शासन लागू किया जाए। पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के समर्थकों और सरकार के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन चुकी है।
