PM Balendra Shah: नेपाल में युवाओं का विरोध प्रदर्शन, पीएम बनने के 4 महीने में मांगा बालेंद्र शाह से इस्तीफा
PM Balendra Shah: नेपाल के युवाओं और जेन-जी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 4 महीने पुरानी सरकार से इस्तीफे की मांग उठी है। गणेश नेपाली की मौत से नेपाल की जनता काफी नाराज है।
- Written By: प्रिया सिंह
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (सोर्स-सोशल मीडिया)
Gen Z Protests Against PM Balendra Shah: नेपाल में एक बार फिर से राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हो गया है। जेन-जी और युवाओं ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीते दिन हुए भारी विरोध प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि जनता काफी नाराज है। कुछ ही महीने पहले युवाओं ने केपी ओली को हटाकर शाह को चुना था।
अब सत्ता संभालने के चार महीने से भी कम समय में उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अंदर भी भारी असंतोष लगातार देखने को मिल रहा है। बड़े-बड़े दावे करने वाली इस सरकार से लोगों की उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं। लेकिन अब नेपाल की सड़कों पर फिर से इस्तीफे की भारी मांग उठ रही है।
गणेश नेपाली की मौत से गुस्सा
हाल ही में नेपाल के 25 साल के युवक गणेश नेपाली की मौत ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। काठमांडू पुलिस ने पार्किंग नियम तोड़ने पर इस राइड शेयरिंग ड्राइवर की मोटरसाइकिल का पहिया दबा दिया था। इस घटना से आहत होकर उसने खुद को आग लगा ली और आत्मदाह कर लिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से सरकार के खिलाफ विरोध काफी तेज हो गया है।
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बुलडोजर एक्शन और बेघर लोग
सरकार के बुलडोजर एक्शन ने भी आम जनता की परेशानियों को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। अप्रैल से चले अभियान में काठमांडू में नदी किनारे बने 2,600 से ज्यादा घर गिरा दिए गए हैं। इस सख्त कदम से 15,000 से ज्यादा लोग अचानक पूरी तरह से बेघर हो गए हैं। बिना किसी ठोस पुनर्वास व्यवस्था के बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सड़क पर आ गए हैं।
कार्यकर्ताओं पर पुलिस की सख्ती
बेघर हुए इन लोगों के हक के लिए शांतिपूर्वक आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने इन सभी कार्यकर्ताओं पर थर्ड डिग्री का भी इस्तेमाल किया है। इसके अलावा सरकारी सुरक्षा वाली गाड़ी द्वारा मीडिया गेट को अवरुद्ध करने का मामला भी सामने आया है। इन सभी तानाशाही फैसलों से नेपाल की आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
बेरोजगारी और आर्थिक नीतियां
नेपाल में बेरोजगारी बहुत लंबे समय से एक बड़ा और काफी गंभीर मुद्दा बनी हुई है। पिछले साल सितंबर 2025 में हुए जेन-जी आंदोलन में भी यह सबसे अहम और मुख्य मुद्दा था। युवाओं का आरोप है कि नए बजट में बेरोजगारी से निपटने के लिए कुछ नहीं किया गया। इसके अलावा देश के किसानों ने भी अपनी मांगों को लेकर मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
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जुमलेबाजी बनाम असलियत
शुरुआती दिनों में वीआईपी कल्चर खत्म करने जैसे फैसलों ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन देश चलाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करना केवल जुमलेबाजी से बहुत ऊपर की चीज है। वादों से उम्मीद जगाने वाली बालेंद्र शाह की सरकार आज कई मोर्चों पर पूरी तरह कठघरे में है। अगर आने वाले समय में प्रधानमंत्री इस्तीफा दे देते हैं, तो इसमें कोई बड़ी हैरानी नहीं होगी।
