काठमांडू में पिकनिक से लौट रही बस खाई में गिरने से 4 की मौत और 22 घायल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nepal Picnic Bus Accident, 4 Dead and 22 Injured: नेपाल की राजधानी काठमांडू के निकट बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया है। पिकनिक मनाकर लौट रहे यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। इस दुखद घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है।
काठमांडू जिला पुलिस रेंज के अनुसार यह दुर्घटना शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच शंकरपुर नगर पालिका के लापसीफेदी जंगल क्षेत्र में हुई। बस संख्या (Ba 4 Kha 8788) में नेचर हर्ब संगठन के लगभग 40 कर्मचारी सवार थे जो पिकनिक का आनंद लेकर वापस घर लौट रहे थे। अचानक चालक के नियंत्रण खोने से बस खाई में समा गई जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी भीड़ जमा हो गई।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार भट्टराई ने पुष्टि की है कि घायलों को शंकरपुर अस्पताल, नेपाल मेडिकल कॉलेज और मुलपानी नगर अस्पताल सहित विभिन्न केंद्रों पर भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में निगरानी के तहत रखा गया है। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद बस के मलबे से फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हादसे की खबरों के बीच नेपाल में जेन-जी प्रदर्शनकारियों का आक्रोश भी अंतरिम सरकार के खिलाफ बढ़ता जा रहा है जिन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। पिछले साल हुए हिंसक प्रदर्शनों में अपनी टांग गंवाने वाले मुकेश आवस्ती जैसे युवा अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इन युवाओं का कहना है कि जिस बदलाव की उम्मीद में उन्होंने अपना बलिदान दिया था वह मौजूदा सरकार देने में पूरी तरह विफल रही है।
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1997 से 2012 के बीच पैदा हुई यह पीढ़ी जिसे डिजिटल नेटिव्स कहा जाता है अब फिर से सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रही है। सुमन बोहरा जैसे आंदोलनकारियों का मानना है कि अंतरिम सरकार अपने वादों को पूरा करने के बजाय सत्ता के खेल में उलझ गई है। नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ा यह विद्रोह अब एक नए मोड़ पर है जहां तकनीक प्रेमी युवा नेतृत्व से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।