मोजतबा खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया)
US-Iran Tensions: ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बार फिर कड़े और रणनीतिक संकेत दिए गए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने हालिया बयान में संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को अब एक नए चरण में ले जाया जाएगा। उनके इस बयान को ईरान की बदलती समुद्री और सुरक्षा रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन पर दिए गए संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि देश सभी प्रतिरोध मोर्चों को एकीकृत दृष्टिकोण से देखता है और मौजूदा संघर्ष में ईरान खुद को विजेता मानता है। उनके अनुसार, होर्मुज को लेकर ईरान अब अधिक संगठित और सख्त नीति अपनाने की दिशा में बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बयान का संकेत यह हो सकता है कि ईरान इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण और निगरानी को और कड़ा कर सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सख्ती या प्रतिबंध का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा पड़ सकता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में पहले से तनाव जारी है और पाकिस्तान में संभावित शांति वार्ता को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। माना जा रहा है कि शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना है, हालांकि हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं।
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को हुए नुकसान के जवाब में ईरान अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान इस पूरे संघर्ष को सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि रणनीतिक और प्रतीकात्मक दृष्टि से भी देख रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान अब महाशक्ति बनने के बेहद करीब आ गया है।
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इस बयान को ईरान की उस व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह क्षेत्रीय दबावों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इससे यह भी साफ है कि आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक माहौल दोनों पर पड़ सकता है।