शांति नहीं, अब भीषण युद्ध होगा; मोजतबा खामेनेई ने ठुकराया युद्धविराम का प्रस्ताव, कहा- अमेरिका और इजरायल को…
US Iran War: ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने शांति और युद्धविराम के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जंग तेज करने का आह्वान किया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रम्प और मोजतबा खामेनेई (सो. सोशल मीडिया)
Mojtaba Khamenei Ceasefire Rejected: मध्य-पूर्व में जारी भीषण संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से शांति की राहें बंद होती नजर आ रही हैं। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव कम करने या युद्धविराम करने के अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों को दो टूक शब्दों में खारिज कर दिया है।
शांति का समय नहीं
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो मध्यस्थ देशों ने ईरान को तनाव कम करने के लिए युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले उच्च-स्तरीय सुरक्षा सत्र में इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए स्पष्ट किया कि यह ‘शांति का समय नहीं’ बल्कि जंग तेज करने और दुश्मनों को जवाब देने का समय है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अमेरिका और इजरायल दोनों को हराना अनिवार्य है।
बसीज प्रमुख और अली लारिजानी ढेर
एक ओर जहां मोजतबा खामेनेई युद्ध जारी रखने की बात कर रहे हैं वहीं इजरायल ने उनके नेतृत्व ढांचे पर जोरदार प्रहार करने का दावा किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने बयान जारी कर बताया कि इजरायली सेना ने सोमवार को एक हवाई हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की अर्धसैनिक इकाई ‘बसीज’ के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी को मार गिराया है।
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इजरायल के अनुसार, सुलेमानी ईरान में आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारी हिंसा और दमन के मुख्य रणनीतिकार थे। इसके साथ ही इजरायल ने ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी को भी मारने का दावा किया है, हालांकि उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर फिलहाल अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं।
UAE के तेल संयंत्र पर हमला
तेहरान ने न केवल युद्धविराम ठुकराया है बल्कि अपनी जवाबी कार्रवाई भी तेज कर दी है। ईरान ने अपने खाड़ी पड़ोसी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूर्वी तट पर स्थित फुजैराह में एक तेल संयंत्र पर हमला किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता पर गहरा असर डाल रहा है।
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सख्त होता तेहरान का रुख
हाल के हफ्तों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया है जिससे उसके नेतृत्व ढांचे को झटका लगा है। इसके बावजूद तेहरान का रुख झुकने के बजाय और अधिक सख्त होता दिख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई का यह बयान संकेत देता है कि युद्ध और लंबा और जटिल हो सकता है।
