Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

दोहरे मापदंडों पर भड़के मोदी, BRICS में उठाई ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति-निर्माण प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ के देशों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिक्स का विस्तार इस बात का संकेत...

  • Written By: अमन उपाध्याय
Updated On: Jul 07, 2025 | 07:27 AM

BRICS में पीएम मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

रियो डी जेनेरियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों को अक्सर भेदभावपूर्ण रवैये का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने के बावजूद इन देशों को अंतरराष्ट्रीय फैसलों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में त्वरित और व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 20वीं सदी में बनी इन संस्थाओं में दुनिया की दो-तिहाई आबादी का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।

ग्लोबल साउथ को लेकर कही ये बात

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ के बिना अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं ऐसे मोबाइल फोन जैसी लगती हैं जिनमें सिम कार्ड तो होता है, लेकिन नेटवर्क नहीं चलता। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत सदस्य देशों के नेताओं की सामूहिक फोटो से हुई, जिसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने उद्घाटन भाषण दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को अक्सर दोहरे मानकों का सामना करना पड़ता है चाहे बात विकास की हो, संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे की हो या फिर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं की।

सम्बंधित ख़बरें

हाॅकी मैच के दौरान गोलीबारी से दहला अमेरिका, 3 लोगों की दर्दनाक मौत, सामने आया खौफनाक VIDEO

तारिक रहमान आज लेंगे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ, BNP की ऐतिहासिक जीत और नई चुनौतियां

पाकिस्तान में ‘Honor Killing’ का बढ़ता संकट और न्याय में विफलता: रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

मेडागास्कर में चक्रवात गेजानी का कहर, 59 लोगों की मौत और भारी तबाही के बाद राहत कार्य हुए तेज

At the BRICS Summit in Rio de Janeiro, Brazil, addressed the session on ‘Peace and Security and Reform of Global Governance.’ Expressed my views on why the voice of the Global South is more important than ever before and why it’s essential that global institutions provide… pic.twitter.com/XNqG8v1BXk — Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2025

समय के अनुसार स्वयं को ढालने में सक्षम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह केवल प्रतिनिधित्व की बात नहीं है, बल्कि वैश्विक संस्थाओं की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता का भी मुद्दा है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि आज की दुनिया को एक नई, बहुध्रुवीय और समावेशी वैश्विक व्यवस्था की आवश्यकता है, जिसकी शुरुआत अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में व्यापक और ठोस सुधारों से होनी चाहिए। सुधार सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और असरदार होने चाहिए चाहे वह शासन ढांचे में बदलाव हो, मताधिकार का पुनर्गठन हो या नेतृत्व की भूमिका में संतुलन।

 आतंक के खिलाफ कार्रवाई में न हो कोई हिचकिचाहट, BRICS के मंच पर गरजे PM मोदी 

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ की चुनौतियों को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में प्रमुखता दी जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिक्स का विस्तार इस बात का संकेत है कि यह संगठन समय और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने में सक्षम है।

अब समय आ गया है

‘ग्लोबल साउथ’ उन देशों को कहा जाता है जो तकनीकी और सामाजिक विकास के मामले में अपेक्षाकृत पीछे माने जाते हैं। ये देश अधिकतर दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित हैं और इनमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई राष्ट्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अंतरराष्ट्रीय विकास बैंकों जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार लाने के लिए भी वैसी ही दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं जैसी अन्य मुद्दों पर दिखाई जाती है।

ब्रिक्स देशों को लेकर भारत की सोच

उन्होंने कहा कि जब हम एक ऐसे दौर में हैं जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) हर हफ्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, तो ऐसे में यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि कोई वैश्विक संस्था 80 वर्षों से बिना किसी बदलाव के चल रही हो। मोदी ने इसे इस रूप में समझाया, “21वीं सदी के आधुनिक सॉफ्टवेयर को 20वीं सदी के टाइपराइटर से नहीं चलाया जा सकता।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों से ऊपर उठकर मानवता के व्यापक हित में काम करने को अपना कर्तव्य माना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत, ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर हर मुद्दे पर सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Modi slams double standards raises global south voice at brics

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 07, 2025 | 07:27 AM

Topics:  

  • BRICS Summit
  • Narebdra Modi
  • World News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.