सड़कों में आ रही हैं दरारें... क्या पाताल में समा रहा है ये शहर? सैटेलाइट रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Mexico City Sinking: नासा और इसरो के साझा सैटेलाइट मिशन 'निसार' ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि मेक्सिको सिटी हर महीने 2 सेंटीमीटर की रफ्तार से जमीन में धंस रही है।
Cracks Appearing in Roads... Is This City Sinking into the Abyss? Satellite Report Sparks Panic.
सांकेतिक एआई फोटो
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Mexico City Sinking News In Hindi: दुनिया के सबसे बड़े शहरों में से एक, मेक्सिको सिटी पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि मेक्सिको की यह राजधानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर समाती जा रही है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के संयुक्त सैटेलाइट मिशन 'निसार' (NISAR) द्वारा भेजे गए हालिया आंकड़ों ने इस भयावह स्थिति की पुष्टि की है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि शहर के कुछ हिस्से हर महीने 2 सेंटीमीटर की खतरनाक रफ्तार से नीचे धंस रहे हैं।

NISAR सैटेलाइट ने पकड़ी जमीन की हलचल

मेक्सिको सिटी में हो रहे इस भौगोलिक बदलाव पर नजर रखने के लिए वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक निसार सैटेलाइट का उपयोग किया है। यह सैटेलाइट जमीन में होने वाले बेहद सूक्ष्म बदलावों को भी सटीकता से पकड़ने में सक्षम है। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, निसार द्वारा प्राप्त डेटा से पता चलता है कि मेक्सिको सिटी के कुछ इलाकों में जमीन धंसने की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज है। यह स्थिति न केवल शहर की वर्तमान आबादी के लिए, बल्कि भविष्य के शहरी नियोजन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है।

ऐतिहासिक इमारतों पर दिखने लगा असर

जमीन धंसने का प्रभाव मेक्सिको सिटी की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण इमारतों पर साफ तौर से देखा जा सकता है। शहर के मध्य इलाके में स्थित मशहूर कैथेड्रल और नेशनल पैलेस जैसी इमारतें अब एक तरफ झुकती हुई या टेढ़ी नजर आने लगी हैं। एक और चौंकाने वाला उदाहरण 'एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक है। 1910 में निर्मित इस स्मारक के नीचे अब तक 14 नई सीढ़ियां जोड़नी पड़ी हैं, क्योंकि इसके आसपास की जमीन लगातार नीचे जा रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह समस्या पिछले 100 वर्षों से बनी हुई है लेकिन हाल के वर्षों में इसकी रफ्तार काफी बढ़ गई है।

क्यों पाताल में जा रहा है शहर?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, मेक्सिको सिटी के धंसने का मुख्य कारण इसकी भौगोलिक स्थिति और अंधाधुंध भूजल निकालना है। यह शहर एक पुरानी झील की नरम मिट्टी पर बसा है, जहां से पानी की कमी पूरी करने के लिए जमीन के नीचे से बहुत ज्यादा पानी निकाला जा रहा है। नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी निकाले जाने की तुलना में बारिश का पानी वापस जमीन में नहीं जा पा रहा। जिससे मिट्टी सिकुड़ रही है और शहर धीरे-धीरे नीचे धंसता जा रहा है।

सड़कों में आ रही हैं दरारे

जमीन धंसने से केवल इमारतें ही प्रभावित नहीं हो रही हैं बल्कि शहर का पूरा बुनियादी ढांचा चरमरा रहा है। सड़कों में दरारें आ रही हैं, मेट्रो सिस्टम को नुकसान पहुंच रहा है और पानी की पाइपलाइन फटने की घटनाएं आम हो गई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पाइपलाइन टूटने की वजह से शहर का करीब 40% पानी लीकेज में बर्बाद हो जाता है, जो पहले से ही जल संकट झेल रहे शहर के लिए बड़ी चिंता का विषय है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि निसार सैटेलाइट से प्राप्त डेटा के जरिए इस समस्या का समाधान ढूंढने और भविष्य के खतरों को कम करने में मदद मिलेगी।

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