इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Giorgia Meloni Praises Trump lifting Tariff: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया। ट्रंप ने घोषणा की कि वह उन टैरिफ को रद्द कर रहे हैं जिन्हें उन्होंने फ्रांस, डेनमार्क, जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों पर लगाने का इरादा जताया था। ये टैरिफ 1 फरवरी से लागू होने वाले थे और यूरोप के नेताओं में इससे पहले ही काफी चिंता और असंतोष फैल चुका था।
इसी बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के इस फैसला का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले का स्वागत करती हैं। उनका कहना था कि इटली हमेशा से सहयोगी देशों के बीच खुला संवाद बढ़ाने और साझेदारी मजबूत करने की नीति में विश्वास रखता आया है। मेलोनी के अनुसार, सहयोगियों के बीच बातचीत और समझ बढ़ाने से ही आपसी हितों की रक्षा संभव है।
मेलोनी ने क्या कहा?
जॉर्जिया मेलोनी पहले भी ट्रंप और अन्य NATO सहयोगियों के साथ लगातार संवाद की आवश्यकता पर जोर देती रही हैं। उल्लेखनीय है कि अपनी हाल की जापान यात्रा के दौरान उन्होंने ग्रीनलैंड के मुद्दे को सुलझाने के लिए ट्रंप के साथ बातचीत की अहमियत पर बल दिया था। यह उनके विदेश नीति दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है, जिसमें सहयोगियों के बीच संतुलित संवाद को प्राथमिकता दी जाती है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के कुछ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह निर्णय NATO सहयोगियों में खलबली मचाने वाला साबित हुआ था। टैरिफ का उद्देश्य उन देशों को आर्थिक रूप से दबाव में लाना था जो ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ सार्थक बातचीत नहीं कर रहे थे।
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ट्रंप ने क्यों हटाया यूरोप पर टैरिफ
हालांकि, NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे के साथ हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने अपना रुख बदल दिया। रूटे के जरिए उन्हें आश्वासन मिला कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका का दृष्टिकोण सही है और सहयोगियों के साथ संतुलित समझ बनाई जा सकती है। इसी के चलते ट्रंप ने टैरिफ रद्द करने का फैसला किया। इस फैसले से यूरोप में राहत की लहर दौड़ गई है और यह संकेत देता है कि संवाद और कूटनीतिक प्रयास आर्थिक निर्णयों को प्रभावित करने में कितना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।