बांग्लादेश अंतरिम सरकार के प्रमुख बने मो.यूनुस, हसीना को ब्रिटेन में पनाह मिलना मुश्किल

नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। उन्होंने हसीना के इस्तीफे को देश का "दूसरा मुक्ति दिवस'' ​​बताया है। पूर्व PM शेख हसीना की ब्रिटेन में पनाह मिलने की उम्मीद भी अब टूटती दिख रही हैं।
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(डिज़ाइन फोटो)
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नई दिल्ली: बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को इस देश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के प्रेस सचिव ने इस बाबत बीते मंगलवार देर रात यह जानकारी दी। यह निर्णय संसद भंग करने के बाद राष्ट्रपति शहाबुद्दीन और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक में लिया गया। इसमें तीनों सशस्त्र बलों के प्रमुख भी मौजूद थे।

इस चार घंटे चली अहम बैठक के बाद प्रेस सचिव ने कहा, "राष्ट्रपति ने डॉ. यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया।" उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के अन्य सदस्यों के नाम विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किए जाएंगे।

वहीं सरकारी समाचार एजेंसी 'BSS' के अनुसार, राष्ट्रपति 1971 के मुक्ति संग्राम के कम से कम एक सेनानी को कैबिनेट के सलाहकार के रूप में शामिल करने के पक्ष में हैं। बैठक के दौरान सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान, नौसेना प्रमुख एडमिरल एम. नजमुल हसन, एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान, ढाका विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर आसिफ नजरूल और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रोफेसर तंजीम उद्दीन खान मौजूद थे।

गौरतलब है कि मोहम्मद यूनूस नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, जिन्हें "सबसे गरीब लोगों का बैंकर"भी कहा जाता है। खुद यूनुस हसीना के कटु आलोचक और विरोधी माने जाते हैं। उन्होंने हसीना के इस्तीफे को देश का "दूसरा मुक्ति दिवस'' ​​बताया है।

ऐसी भी खबर है कि बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना कुछ दिनों तक फिलहाल भारत में ही रह सकती हैं। उनकी ब्रिटेन में पनाह मिलने की उम्मीद भी अब टूटती दिख रही हैं। वहां की सरकार ने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि ब्रिटेन पहुंचने पर उनके खिलाफ बांग्लादेश के प्रदर्शनों के चलते कानूनी कार्रवाई हो सकती है। शेख हसीना के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार के पतन पर मंगलवार को ब्रिटेन में प्रवासी बांग्लादेशियों ने खुशी जताई है। हालांकि, साथ ही वे अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए चिंतित भी हैं।

इस मुद्दे पर बांग्‍लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोस‍िएशन के अध्‍यक्ष ए.एम. महबूब उद्दीन खोकन ने भारत से अपील की है क‍ि शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना को ग‍िरफ्तार कर वापस बांग्‍लादेश भेज दिया जाए। पता हो कि बांग्लादेश में PM शेख हसीना के खिलाफ बीते 2 महीने से जारी प्रदर्शन में बीते सोमवार को जमकर हिंसा हुई थी। इसके बाद वे पद से इस्तीफा देकर भारत पहुंची थीं।

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