वो महिला जासूस जिसके कारनामे सुन कांप उठेगा कलेजा, हिटलर की टीम में थी शामिल; पूरे यूरोप में मचा दी खलबली
माता हारी पहले विश्व युद्ध की शुरुआत तक वह एक प्रसिद्ध डांसर बन चुकी थी। इसी का फायदा लेकर फ्रांस और जर्मनी के लिए जासूसी करती थी जिसमें हिटलर का नाम भी जुड़ा हुआ है।
- Written By: अमन उपाध्याय
माता हारी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
दुनिया के इतिहास में कई मशहूर जासूस हुए हैं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है। ऐसी ही एक प्रसिद्ध महिला जासूस थीं जिनका नाम माता हारी था। उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक महिला जासूसों में गिना जाता है। उसने अपनी जासूसी की कला से पूरी दुनिया में पहचान बनाई। माता हारी न केवल एक जासूस थीं, बल्कि एक बेहद खूबसूरत माहिर डांसर भी थीं।
ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने तानाशाह हिटलर के लिए जासूसी की थी और पूरे यूरोप में खलबली मचा दी थी। हिटलर के लिए जासूसी करने के आरोप में उन्हें मौत की सजा दी गई थी।
जासूसी के काम में संबंधों का किया इस्तेमाल
उनका जन्म 1876 में नीदरलैंड में हुआ था और उनका असली नाम गेरत्रुद मार्गरेट जेले था। लेकिन दुनिया उन्हें माता हारी के नाम से जानती है। उनके कई देशों के सैन्य अधिकारियों, मंत्रियों और शाही परिवारों के सदस्यों से करीबी संबंध थे, जिसका उन्होंने जासूसी के काम में इस्तेमाल किया।
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माता हारी, जो अपनी अदाओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर थी, साल 1905 में फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंची। जहां वह अपने अनोखे अंदाज और लुभावने नृत्य के चलते वह बहुत ही कम समय में लोकप्रिय हो गई। उसके डांस ने लोगों को इस कदर प्रभावित किया कि वह पूरे यूरोप में मंच पर प्रस्तुति देने लगी।
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ऐसा माना जाता है कि माता हारी फ्रांस और जर्मनी के लिए जासूसी करती थी, जिसमें हिटलर का नाम भी जुड़ा हुआ है। पहले विश्व युद्ध के शुरू होने तक माता हारी एक मशहूर डांसर और स्ट्रिपर बन चुकी थी। उसके नृत्य को देखने के लिए विभिन्न देशों के राजघरानों के सदस्य और उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी आया करते थे। इसी का फायदा उठाते हुए माता हारी ने इन प्रभावशाली लोगों के साथ अपने संबंधों को बेहतर किया और इसी का उपयोग करते हुए एक पक्ष की गोपनीय जानकारियां दूसरे पक्ष तक पहुंचाना शुरू कर दिया।
आंखों पर पट्टी बांधकर मारी गई गोली
माता हारी को वर्ष 1917 में जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, अदालत में सुनवाई के दौरान उसने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वह केवल एक डांसर है। फिर भी उस पर जासूसी के आरोप साबित हो गए। जिसके बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई और उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर गोली मार दी गई। बता दें कि माता हारी की मौत के बाद 1970 के दशक में जर्मनी के कुछ गोपनीय दस्तावेज सामने आए, जिनसे यह पता चला कि वह वास्तव में जर्मनी के लिए जासूसी करती थी।
