खालिदा बीमार, हसीना देश से बाहर...बांग्लादेश में खेल करने वाली है ये महिला नेता, जनरल जियाउर रहमान से है खास कनेक्शन

जुबैदा पेशे से चिकित्सक हैं, उनकी शादी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे तारीक से हुई है। हालांकि जुबैदा खुद एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता महबूब अली खान जियाउर रहमान के दोस्त थे।
खालिदा बीमार, हसीना देश से बाहर...बांग्लादेश में खेल करने वाली है ये महिला नेता, जनरल जियाउर रहमान से है खास कनेक्शन
अपने परिवार के साथ जुबैदा रहमान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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ढाका: बांग्लादेश में चल रहा सत्ता का संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शेख हसीना और खालिदा जिया को साइडलाइन करने में जुटे बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस की मुश्किलें बढ़ाने के लिए एक और महिला नेता जल्द ही बांग्लादेश की राजनीति में कदम रखने वाली है।

इस महिला नेता के आने यूनुस को बांग्लादेश में सत्ता को लेकर कई चुनौती मिल सकती है। क्योंकि इस महिला नेता का संबंध बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल जियाउर रहमान से है। इस महिला नेता का नाम जुबैदा रहमान है और ये जनरल जियाउर और खालिदा जिया  बड़ी बहू हैं।

राजनीतिक परिवार से हैं जुबैदा

जुबैदा पेशे से चिकित्सक हैं, उनकी शादी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे तारीक से हुई है। हालांकि जुबैदा खुद एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता महबूब अली खान जियाउर रहमान के दोस्त थे। 2008 तक जुबैदा खुद अपनी सास के साथ राजनीति में सक्रिय थी लेकिन फिर देश के बदलती परिस्थितियों को देखते हुए वो इससे दूर हो गई।

जुबैदा अब अपनी सास के साथ लंदन में रहती है और अपने परिवार की देखभाल करती हैं। लेकिन इन दिनों बांग्लादेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जुबैदा एक बार फिर राजनीति में वापसी कर सकती हैं। जुबैदा ने हाल ही में अपनी पार्टी के नेताओं को तैयार रहने के लिए कहा है माना जा रहा है कि वो आने वाले दिनों बांग्लादेश में किसी बड़े आंदोलन की शुरुआत कर सकती हैं।

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खालिदा बीमार, हसीना देश से बाहर

अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद मुहम्मद युनुस बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर बने थे। इससे पहले तख्तापलट के चलते तातकालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी और तब से हसीना भारत में ही हैं वहीं खालिदा जिया की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है। ऐसे में देश में युनुस को राजनीतिक चुनौती देने वाला कोई नहीं हैं। लेकिन जुबैदा की बीएनपी बांग्लादेश की बड़ी पार्टी है। बीएनपी अगर जल्द चुनाव कराने का दबाव डालती है तो यूनुस की टेंशन और ज्यादा बढ़ सकती है।
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