बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Khaleda Zia Latest News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की चेयरपर्सन खालिदा जिया की सेहत को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब तक उनके स्वास्थ्य में किसी भी तरह के सुधार की खबर सामने नहीं आई है। इसी बीच देशभर में उनके लिए दुआओं और प्रार्थनाओं का दौर तेज हो गया है।
इस बीच, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मिर्जा अब्बास ने शनिवार को बेहद गंभीर आरोप लगाया। अब्बास ने दावा किया कि अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में जेल में रहने के दौरान खालिदा जिया को ‘स्लो पॉइजनिंग’ (धीमा जहर) दिया गया था। यह दावा बांग्लादेशी मीडिया यूएनबी की रिपोर्ट में भी सामने आया है।
एक कार्यक्रम के दौरान मिर्जा अब्बास ने कहा कि बेगम खालिदा जिया की बीमारी नैचुरल नहीं है। वह एक अजीब और असामान्य स्थिति की शिकार हुई हैं। जेल में रहते हुए उन्हें स्लो पॉइजनिंग दी गई थी। उन्होंने आगे कहा कि खालिदा जिया ने लोकतंत्र, देश की आजादी और संप्रभुता को लेकर हमेशा कड़ा रुख अपनाया, जिसके चलते उन्हें लगातार दबाव और उत्पीड़न सहना पड़ा।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने शुक्रवार रात ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में खालिदा जिया से मुलाकात की थी। अब्बास के अनुसार, “वह एक ऐसी नेता हैं जिन्हें देश की जनता बेहद प्यार करती है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए उन्होंने हमेशा मजबूत आवाज उठाई।” उन्होंने अपील की कि हर घर में उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ की जाए।
उधर, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस द्वारा नियुक्त कानूनी टीम के सदस्यों ने भी अस्पताल में खालिदा जिया की स्थिति का जायजा लिया था। अस्पताल से लौटने के बाद एक वकील ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खालिदा जिया की हालत बेहद गंभीर है और वह बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं।
इस पूरे मामले के बीच खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के एक्टिंग चेयरपर्सन तारिक रहमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी मां के लिए एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में मैं भी किसी बच्चे की तरह अपनी मां के प्यार भरे स्पर्श के लिए तरसता हूं। लेकिन बहुत से लोगों की तरह, मुझे भी अपनी इच्छा पूरी करने या पूरा अधिकार इस्तेमाल करने की आजादी नहीं है।
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तारिक रहमान ने आगे कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है और वे ज्यादा खुलकर बात नहीं कर सकते। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक हालात जल्द बदलेंगे और वह अपने देश लौट सकेंगे। खालिदा जिया की बिगड़ती स्थिति और स्लो पॉइजनिंग के आरोपों ने बांग्लादेश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अभी सभी की नजरें खालिदा जिया की सेहत और इस विवादास्पद आरोप पर सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।