

Pakistan: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। पीओके के लोगों का आरोप है कि सरकार वर्षों से उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। इसी नाराजगी के चलते सोमवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में पाकिस्तानी सेना प्रदर्शन को दबाने के लिए सड़कों पर कंटेनरों से मार्ग अवरुद्ध करती दिखाई दे रही है।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सड़क के बीच बड़े-बड़े पत्थर और कंटेनर लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। वहीं, दूसरे वीडियो में प्रदर्शनकारी कंटेनरों को नदी में फेंकते हुए नजर आ रहे हैं।
पीओके में हो रहे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी कर रही है। कमेटी का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकारों ने लंबे वक्त से घाटी के लोगों की जरूरतों की अनदेखी की है। पाकिस्तान जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए अरबों खर्च करके क्रिप्टो डेटा सेंटर बना रहा है, वहीं पीओके के लोगों को सालों से पानी-बिजली, सड़कों और शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रखा गया है।
सरकार की बेरुखी और वादाखिलाफी के खिलाफ अब आम जनता खुलकर सामने आ गई है। मीरपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद समेत पूरे पीओके में विरोध मार्च और रैलियों की लहर चल रही है। सोमवार को पाकिस्तानी सेना ने हालात को काबू में करने के लिए गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 22 से ज्यादा घायल हो गए। इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर जमकर नारेबाजी की और सरकारी अमले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पीओके में पिछले कुछ सालों में भारत के समर्थन में कई बार आवाजें उठी हैं। इसकी कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें लोग पाकिस्तान की बुराई करते हुए भारत में शामिल होने की पैरवी करते नजर आते हैं। हालांकि अभी हो रहे प्रदर्शनों में ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया है। जनता का प्रदर्शन मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने को लेकर है।