

Israel-Hamas War: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात की। इस बैठक का मकसद गाजा में शांति स्थापित करना था और अब दुनिया के सामने ट्रंप का प्लान सामने है। ट्रंप गाजा में शांति लाने के लिए वही तरीका अपना रहे हैं जो भारत में मोदी सरकार नक्सलियों से निपटने के लिए अपना रही है।
ट्रंप और नेतन्याहू के गाजा प्लान के तहत, हमास अपनी सभी सैन्य क्षमताओं को बिना किसी शर्त के तुरंत खत्म करना होगा। साथ ही सभी आतंकी ठिकानों को नष्ट करना होगा, जिसमें हथियार और सुरंगें शामिल हैं। हालांकि हमास की ओर से इस प्रस्ताव को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
नेतन्याहू के साथ बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि हमास के खतरे और उसके ख़ात्मे के लिए इजरायल को मेरा पूरा समर्थन है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हम शांति के लिए समझौता करने वाले हैं, और अगर हमास इसे मानने से इनकार करता है, तो जो हमेशा संभव है वही बचेगा। बाकी इसे सभी पक्षों ने स्वीकार कर लिया है। मुझे लगता है कि हमें उनकी तरफ से भी सकारात्मक जवाब मिलेगा। प्लान के मुताबिक, दोनों पक्षों की सहमति होने पर युद्ध तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा और इजरायली सैनिक तब तक वापस लौटेंगे जब तक हमास द्वारा लिए गए सभी बंधक रिहा न कर दिए जाएँ। प्रस्ताव में गाजा में तत्काल युद्धविराम और हमास द्वारा कब्जे में लिए गए सभी बंधकों को 72 घंटे के भीतर रिहा करने का निर्देश शामिल है।
भारत में मोदी सरकार नक्सलियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट चला रही है। इसमें सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक का लक्ष्य रखा है। सरकार दावा करती है कि वह इस तारीख तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर देगी। ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के तहत सरकार द्वारा नक्सलियों के सामने आत्मसमर्पण करने पर समाज की मुख्यधारा में लौटने का विकल्प रखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले 10 सालों में 7 हजार से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें अधिकतर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने के बाद डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड सहित राज्य पुलिस में शामिल हो गए हैं। इसे सरकार की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।