
क्या था जेफरी एपस्टीन और पुतिन का कनेक्शन? (सोर्स-सोशल मीडिया)
Jeffrey Epstein Russian Connection Attempts: जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों की फेहरिस्त में अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम भी जुड़ गया है जिससे नई चर्चा छिड़ गई है। नए गोपनीय दस्तावेजों ने खुलासा किया है कि एपस्टीन रूसी सत्ता के शीर्ष स्तर तक पहुंचने के लिए काफी समय से बेताब था। वह पुतिन से मिलकर उन्हें पश्चिमी निवेश आकर्षित करने और बड़े आर्थिक सुधारों के बारे में गोपनीय सलाह देना चाहता था। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद अब दुनिया भर की जांच एजेंसियां एपस्टीन और रूस के संबंधों की गहराई से जांच कर रही हैं।
साल 2018 में जारी हुए नए दस्तावेजों से पता चलता है कि जेफरी एपस्टीन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए बहुत उत्सुक था। उसने नॉर्वे के राजनेता थोर्ब्योन जागलैंड को ईमेल लिखकर सुझाव दिया था कि पुतिन को अपने विदेश मंत्री लावरोव को उससे बात करने भेजना चाहिए। एपस्टीन का दावा था कि वह पुतिन को यह समझा सकता है कि रूस को पश्चिमी देशों से निवेश और आर्थिक लाभ कैसे मिल सकता है।
विटाली चुरकिन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत थे जिनके साथ जेफरी एपस्टीन के बहुत करीबी और नियमित संबंध बताए जाते हैं। चुरकिन की अचानक मौत के बाद एपस्टीन ने उनके बेटे मैक्सिम की एक बड़ी वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी लगवाने का वादा किया था। वह चुरकिन को एक शानदार इंसान मानता था और उसका कहना था कि उसकी बातचीत के बाद चुरकिन ट्रंप की नीतियों को समझने लगे थे।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस पूरे मामले में एपस्टीन के रूसी खुफिया एजेंसियों के साथ संभावित संबंधों की नई जांच शुरू की है। मीडिया में आ रही जानकारियों के आधार पर यह संदेह जताया जा रहा है कि इस बड़े स्कैंडल के पीछे रूसी जासूसों का हाथ हो सकता है। हालांकि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इन सभी थ्योरी और जासूसी के दावों को पूरी तरह से निराधार और गंभीरता से न लेने वाला बताया है।
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक ने स्वीकार किया कि एपस्टीन रूसी मामलों में रुचि रखता था लेकिन उन्होंने कभी उसका नाम क्रेमलिन में नहीं लिया। एपस्टीन ने दावा किया था कि उसने सेंट पीटर्सबर्ग सम्मेलन में पुतिन से मिलने के निमंत्रण को केवल इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वह पूरी निजता चाहता था। वास्तव में यह कभी स्पष्ट नहीं हो सका कि क्या रूसी राष्ट्रपति ने कभी आधिकारिक तौर पर एपस्टीन से मिलने की कोई इच्छा जताई थी या नहीं।
एपस्टीन के संबंध सेरगेई बेल्याकोव से भी थे जो रूस की खुफिया सेवा FSB अकादमी के स्नातक और बाद में उप आर्थिक मंत्री के पद पर रहे। बेल्याकोव के साथ ईमेल पत्राचार में एपस्टीन ने रूसी निवेश फंड में अपनी मदद देने और उपयोगी साबित होने के लिए हर संभव काम करने का वादा किया था। दस्तावेजों से पता चलता है कि एपस्टीन सिर्फ राजनीति में ही नहीं बल्कि रूस के शीर्ष व्यापारिक हलकों में भी अपनी पैठ बनाना चाहता था।
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साल 2015 के एक गुप्त पत्राचार में एपस्टीन ने बेल्याकोव से न्यूयॉर्क में एक रूसी लड़की द्वारा कारोबारियों को ब्लैकमेल करने की जानकारी मांगी थी। वह जानना चाहता था कि वह लड़की न्यूयॉर्क कब आई थी और किस होटल में रुकी थी ताकि वह उस मामले की तह तक जा सके। यह जानकारी दिखाती है कि एपस्टीन का प्रभाव केवल व्यापार तक सीमित नहीं था बल्कि वह संदिग्ध गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहता था।
Ans: दस्तावेजों के अनुसार एपस्टीन ने पुतिन से मिलने की कई कोशिशें की थीं, लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं है कि उनकी असल में कभी मुलाकात हुई थी।
Ans: जागलैंड यूरोप काउंसिल के पूर्व सचिव थे जिनसे एपस्टीन ने पुतिन और अन्य उच्च रूसी अधिकारियों तक पहुंचने के लिए मदद मांगी थी।
Ans: पोलैंड के प्रधानमंत्री ने जांच शुरू की है कि क्या एपस्टीन के रूसी खुफिया एजेंसियों के साथ कोई संदिग्ध और गहरे गुप्त संबंध थे।
Ans: उसने रूसी अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए यह दावा किया था कि वह बिल गेट्स को सलाह देता है और वह एक प्रभावशाली व्यक्ति है।
Ans: वह संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत थे जिनसे एपस्टीन न्यूयॉर्क में नियमित रूप से मिलता था ताकि वह रूसी राजनीतिक संपर्कों को मजबूत कर सके।






