‘जॉम्बी’ बना देने वाला फूल! एपस्टीन की फाइलों से खौफनाक खुलासा, क्या छीन ली जाती थी पीड़ितों की ‘फ्री विल’?
Epstein Files: जेफ्री एपस्टीन की फाइलों से एक चौंकाने वाला राज सामने आया है। एपस्टीन अपनी नर्सरी में 'जॉम्बी फ्लावर' उगाता था, जिसका उपयोग इंसान के मस्तिष्क को शून्य करने के लिए किया जा सकता है।
- Written By: अमन उपाध्याय
जेफरी एपस्टीन के फाइल में जॉम्बी फूल का जिक्र, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Jeffrey Epstein Files Zombie Flower: अमेरिका के बदनाम फाइनेंशर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद हर दिन नए और डरावने खुलासे हो रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, एपस्टीन की फाइलों में ‘जॉम्बी फ्लावर’ का जिक्र मिला है। यह फूल प्रकृति में पाए जाने वाले सबसे शक्तिशाली और मस्तिष्क को प्रभावित करने वाले रसायनों का उत्पादन करता है जिसका उपयोग कथित तौर पर इंसानों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता था।
क्या है ‘जॉम्बी फ्लावर’ और स्कोपोलामीन?
एपस्टीन की फाइलों में सामने आए एक ईमेल में उसने अपने एक साथी से अपनी नर्सरी में लगे ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ और स्कोपोलामीन नामक रसायन के बारे में चर्चा की थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रसायन इंसान की ‘फ्री विल’ (स्वतंत्र इच्छाशक्ति) को खत्म कर देता है। इसके प्रभाव से मनुष्य का मस्तिष्क लगभग शून्य अवस्था में पहुंच जाता है जिससे वह सामने वाले के आदेशों का पालन एक रोबोट या ‘जॉम्बी’ की तरह करने लगता है।
डेविल्स ब्रीथ: खूबसूरत लेकिन जानलेवा
जिस ‘जॉम्बी फ्लावर’ की बात की जा रही है वह मुख्य रूप से दो जहरीली प्रजातियों ब्रुगमैनसिया (एजेंल्स ट्रम्पेट) और धतूरा से संबंधित है। ये फूल देखने में बेहद आकर्षक और तुरही के आकार के होते हैं लेकिन इनके सभी भाग अत्यधिक विषैले होते हैं। इनमें ‘ट्रोपेन एल्कलॉइड्स’ नामक रसायन होता है जो सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। इसी कारण इसे दुनिया भर में ‘डेविल्स ब्रीथ’ जैसे डरावने उपनामों से जाना जाता है।
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पीड़िताओं पर इस्तेमाल की आशंका
एपस्टीन के ईमेल्स में एक पीड़िता का भी जिक्र है जिसके भीतर इस जहरीले पौधे के संपर्क में आने वाले लक्षण देखे गए थे। हालांकि स्कोपोलामीन का उपयोग बहुत ही कम मात्रा में मेडिकल साइंस में ‘मोशन सिकनेस’ के इलाज के लिए किया जाता है लेकिन इसकी अधिक मात्रा नर्वस सिस्टम को पूरी तरह शिथिल कर देती है।
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यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि एपस्टीन न केवल ऊंचे रसूख वाले लोगों का नेटवर्क चला रहा था बल्कि वह अपनी नर्सरी में ऐसे खतरनाक पौधों की खेती भी कर रहा था जिनका उपयोग किसी को मानसिक रूप से लाचार बनाने के लिए किया जा सके।
