'ये सही बात नहीं...', ट्रंप पर फूटा जेलेंस्की का गुस्सा, जिनेवा में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता पर लगा ब्रेक

Russia Ukraine Peace Talks: स्विट्जरलैंड के जिनेवा में रूस और यूक्रेन के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी बड़े नतीजे के अचानक खत्म हो गई है। जेलेंस्की ने ट्रंप और पुतिन के रुख पर नाराजगी जताई है।
"This is not right..." Zelensky's anger at Trump, Russia-Ukraine peace talks in Geneva put on hold
पुतिन ट्रंप और ज़ेलेंस्की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Russia Ukraine Latest News Hindi: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे खूनी संघर्ष को खत्म करने की एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय कोशिश नाकाम होती नजर आ रही है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में बुधवार को आयोजित रूस-यूक्रेन शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के अचानक समाप्त हो गई। इस वार्ता के विफल होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने न केवल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कटघरे में खड़ा किया बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

ट्रंप की 'रणनीति' से नाराज जेलेंस्की

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह "उचित नहीं" है कि ट्रंप सार्वजनिक रूप से केवल यूक्रेन से रियायतें देने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि यूक्रेन को वार्ता की मेज पर आने के लिए कदम उठाने चाहिए। जेलेंस्की ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि दबाव सिर्फ यूक्रेन पर क्यों, रूस पर क्यों नहीं? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी शांति योजना में यूक्रेन से उन इलाकों (पूर्वी डोनबास) को छोड़ने को कहा गया जिन पर रूस का कब्जा नहीं है तो यूक्रेनी जनता उसे जनमत संग्रह में सिरे से खारिज कर देगी।

रूस की 'टालमटोल' नीति

जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर इस चार साल पुराने युद्ध को लंबा खींचना चाहता है। उन्होंने जिनेवा की बैठक को 'बेहद कठिन और तनावपूर्ण' बताया और कहा कि रूस उन वार्ताओं को टालने की कोशिश कर रहा है जो अब तक अपने अंतिम चरण में पहुंच सकती थीं। दूसरी ओर, रूस के मुख्य वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की ने पुष्टि की कि वार्ता समाप्त हो गई है, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक जल्द होगी लेकिन इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई।

वार्ता का जमीनी हकीकत

जिनेवा की यह बैठक अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में हुई दो दौर की वार्ताओं के बाद हुई थी जो पहले ही बेनतीजा रही थीं। वर्तमान में रूस ने यूक्रेन के लगभग 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर रखा है जिसमें क्रीमिया और पूर्वी डोनबास के महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब युद्ध की चौथी बरसी नजदीक है जिसमें लाखों लोग हताहत हुए हैं और करोड़ों लोग विस्थापित हो चुके हैं। कड़ाके की ठंड के बीच रूसी हमलों ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को तबाह कर दिया है जिससे लाखों लोग बिजली और हीटिंग के बिना रहने को मजबूर हैं।

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