जापान का ऐतिहासिक फैसला: 50 साल बाद हटा हथियारों के निर्यात से बैन, दुनिया के डिफेंस मार्केट में मचेगी हलचल
Japan Lifts Arms Export Ban: जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद घातक हथियारों के निर्यात पर लगा 50 साल पुराना प्रतिबंध हटा दिया है। अब जापान फाइटर जेट और मिसाइलें बेचकर दुनिया में बड़ा खिलाड़ी बनेगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
कॉन्सेप्ट फोटो, नवभारत
Japan Lifts Arms Export Ban New Policy: वैश्विक रक्षा बाजार में एक बहुत बड़ी हलचल मचने वाली है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से शांति की राह पर चल रहे जापान ने अपनी रक्षा नीति में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव किया है। जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची की कैबिनेट ने करीब 50 साल पुराने उस प्रतिबंध को हटा दिया है जिसने जापान को घातक हथियारों के निर्यात से रोक रखा था। अब जापान अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने अत्याधुनिक फाइटर जेट, मिसाइलें और जंगी जहाज बेचने के लिए पूरी तरह तैयार है।
शांतिवाद से रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर
जापान का यह कदम बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य का नतीजा है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने इस बदलाव की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि आज के गंभीर सुरक्षा माहौल में कोई भी देश अब अकेले अपनी शांति और सुरक्षा की रक्षा नहीं कर सकता। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान के संविधान और कड़े नियमों ने उसे आक्रामक सैन्य क्षमताओं और उनके व्यापार से दूर रखा था लेकिन अब क्षेत्रीय तनावों और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए जापान ने अपनी रक्षा क्षमताओं के व्यवसायीकरण का फैसला किया है।
क्या-क्या बेचेगा जापान?
जापान अब तक केवल गैर-घातक (Non-lethal) सैन्य उपकरण जैसे निगरानी उपकरण और माइन-स्वीपिंग गियर ही निर्यात करने तक सीमित था। हालांकि, नए नियमों के तहत अब वह फाइटर जेट, मिसाइल और जंगी जहाजों का भी निर्यात करेगा। जापानी अखबारों के अनुसार, जापान ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के लिए जंगी जहाज बनाने पर अपनी सहमति भी जता दी है। जापानी तकनीक अपनी सटीकता और गुणवत्ता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, ऐसे में वैश्विक हथियार बाजार में पहले से मौजूद अमेरिका, रूस और चीन जैसे दिग्गजों को जापान से कड़ी टक्कर मिल सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
इस देश को 14 हजार करोड़ के हथियार बेचना चाहता था पाकिस्तान, सऊदी अरब ने ऐसे रोका रास्ता
एप्पल सीईओ Tim Cook दे रहे इस्तीफा… जानिए कितनी है उनकी नेट वर्थ?
ट्रंप की मंत्री को पूल पार्टी करना पड़ा भारी, विवाद के बाद देना पड़ा इस्तीफा, लगे कई और गंभीर आरोप
Venezuela में अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के खिलाफ शुरू हुआ देशव्यापी आंदोलन
जापान आर्म्स एक्सपोर्ट, इन्फोग्राफिक
किन देशों को मिलेंगे जापानी हथियार?
जापान ने स्पष्ट किया है कि वह अंधाधुंध हथियारों की बिक्री नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ताकाइची के अनुसार, रक्षा उपकरणों का हस्तांतरण केवल उन देशों को किया जाएगा जो संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार इनका इस्तेमाल करने का वादा करते हैं। जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में लगभग 17 देश जापान से हथियार खरीदने की पात्रता रखते हैं। यदि अन्य देश जापान के साथ द्विपक्षीय रक्षा समझौते करते हैं, तो भविष्य में यह सूची और भी बढ़ सकती है।
यह भी पढ़ें:- इस देश को 14 हजार करोड़ के हथियार बेचना चाहता था पाकिस्तान, सऊदी अरब ने ऐसे रोका रास्ता
1967 के नियमों का अंत
जापान में हथियारों के निर्यात पर कड़े नियम 1967 में लाए गए थे और 1976 में इन्हें पूरी तरह सख्त कर दिया गया था। पिछले पांच दशकों में जापान की भूमिका वैश्विक स्तर पर केवल शांति अभियानों तक सीमित थी। अब इस प्रतिबंध के हटने से न केवल जापान की अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा बल्कि वह वैश्विक रक्षा कूटनीति में एक निर्णायक शक्ति बनकर उभरेगा।
Frequently Asked Questions
-
Que: जापान ने अपनी रक्षा नीति में क्या बड़ा बदलाव किया है?
Ans: जापान ने लगभग 50 साल बाद घातक हथियारों के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। इस बदलाव के बाद अब जापान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइटर जेट, मिसाइल और जंगी जहाज जैसे खतरनाक हथियारों का निर्यात कर सकेगा
-
Que: जापान हथियार बेचना क्यों चाहता है?
Ans: प्रधानमंत्री साने ताकाइची के अनुसार, यह फैसला बढ़ते गंभीर वैश्विक सुरक्षा माहौल को देखते हुए लिया गया है। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में कोई भी अकेला देश अपनी शांति और सुरक्षा की रक्षा स्वयं नहीं कर सकता।
-
Que: जापान से हथियार खरीदने के लिए क्या शर्तें हैं?
Ans: जापान ने स्पष्ट किया है कि रक्षा उपकरणों की बिक्री केवल उन्हीं देशों को की जाएगी जो इन हथियारों का उपयोग संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार करने का वादा करेंगे। वर्तमान रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 17 देश जापान से हथियार खरीदने के पात्र होंगे। यदि अन्य देश जापान के साथ द्विपक्षीय समझौते करते हैं, तो भविष्य में खरीदारों की यह सूची बढ़ाई जा सकती है।
