इजरायल की सुरक्षा में सेंध! ‘आयरन डोम’ यूनिट का सैनिक निकला ईरान का जासूस, पैसे लेकर साझा की गोपनीय जानकारी
Israel Iran War: इजरायल में एक राज कोहेन नाम के एक सैनिक पर ईरान के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है। दूसरी ओर, ईरान ने भी मोसाद के लिए जासूसी करने वाले एक मुख्य एजेंट को फांसी दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
इजरायल की सुरक्षा में सेंध, एआई फोटो
Israeli Soldier Spying For Iran: मध्य-पूर्व में जारी सैन्य टकराव के बीच इजरायल और ईरान के बीच ‘शैडो वॉर’ और भी गहरा गया है। शुक्रवार को इजरायली पुलिस ने यरुशलम के निवासी और एक रिजर्व सैनिक राज कोहेन (26) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोहेन पर आरोप है कि वह अपनी सेवा के दौरान प्राप्त संवेदनशील सुरक्षा जानकारी ईरानी खुफिया अधिकारियों के साथ साझा कर रहा था।
‘आयरन डोम’ यूनिट की जानकारी की लीक
राज कोहेन इजरायल की प्रसिद्ध ‘आयरन डोम‘ वायु रक्षा मिसाइल यूनिट में सेवा दे रहा था। जांच के अनुसार, कोहेन कई महीनों तक ईरानी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में था और उनसे विभिन्न सुरक्षा मिशन पूरे करने के निर्देश प्राप्त कर रहा था। कोहेन को पता था कि वह ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और इस जासूसी के बदले उसने पैसे भी प्राप्त किए थे। उसकी गिरफ्तारी 1 मार्च 2026 को हुई, जो ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान शुरू होने के ठीक एक दिन बाद की बात है।
मोसाद एजेंट को फांसी
खुफिया युद्ध के इस दूसरे पहलू में, ईरान ने भी इजरायली जासूसी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की है। इस साल 7 जनवरी को ईरान ने अली अर्देस्तानी नामक व्यक्ति को फांसी दी जिसे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया था। ईरानी समाचार एजेंसी मिजान के अनुसार, अर्देस्तानी को ईरान के भीतर मोसाद का एक ‘मुख्य’ ऑपरेटिव बताया गया था।
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सोशल मीडिया और डिजिटल करेंसी का खेल
जांच में यह सामने आया कि अली अर्देस्तानी को मोसाद ने सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया था। उसने इजरायल के लिए कई महत्वपूर्ण मिशन पूरे किए, जिनमें ईरान के विशिष्ट स्थानों की तस्वीरें लेना और कुछ व्यक्तियों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाना शामिल था। इन सेवाओं के बदले मोसाद ने उसे डिजिटल मुद्रा में भुगतान किया था। अर्देस्तानी ने स्वीकार किया था कि उसने जानबूझकर मोसाद के साथ सहयोग किया और उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
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तेजी से बढ़ता खुफिया जाल
यह खुफिया युद्ध नया नहीं है। जून 2025 में हुए 12 दिनों के भीषण संघर्ष के बाद, ईरान की सुरक्षा और न्यायिक एजेंसियों ने इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। ताजा गिरफ्तारियां और फांसी की सजा यह दर्शाती है कि दोनों ही देश युद्ध के मैदान के साथ-साथ एक-दूसरे के सैन्य और खुफिया तंत्र में सेंध लगाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
