ईरान पर इजरायल की भीषण एयरस्ट्राइक, तेहरान में मिसाइल सेंटर तबाह; अरब देशों में ‘रेड अलर्ट’ जारी
Israel Iran War: इजरायल ने ईरान के हथियार केंद्रों पर भीषण हमले किए हैं जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार कर दी जिसके कई देशों में सायरन गूंजने लगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान की मिसाइल केंद्रों पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Strikes Iran Missile Sites: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को इजरायली वायुसेना ने ईरान पर हमलों की एक नई और भीषण लहर शुरू कर दी है जिससे पूरे क्षेत्र में महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। इजरायली सेना ने विशेष रूप से ईरान की राजधानी तेहरान के मध्य में स्थित बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण हथियार निर्माण स्थलों को निशाना बनाया है। इसके साथ ही पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर्स और हथियारों के भंडारण स्थलों पर भी जोरदार हमले किए गए हैं।
ईरान का पलटवार
इजरायल के इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार कर दी, जिसके चलते बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में युद्ध के सायरन गूंजने लगे। इस जवाबी कार्रवाई में कुवैत के शुवैख पोर्ट को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है लेकिन लेबनान की राजधानी बेरूत और इजरायल के कई हिस्सों में हवाई हमलों से बचाव के लिए लोग बंकरों का सहारा ले रहे हैं।
बाजार में ‘ब्लैक फ्राइडे’
इस युद्ध का सबसे भयावह असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। शेयर बाजारों के लिए यह ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हुआ जहां निवेशकों के लगभग 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए। तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है जो युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। चूंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा Strait of Hormuz से गुजरता है, जिस पर वर्तमान में ईरान का नियंत्रण है ऐसे में दुनिया एक गहरे ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है।
सम्बंधित ख़बरें
Hantavirus का बढ़ता खतरा! मरीजों की संख्या हुई 11, WHO की सख्त सलाह- 42 दिन क्वारंटाइन है जरूरी, बढ़ी चिंता
ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन! 30 मिसाइल साइट्स अब भी एक्टिव, क्या बढ़ेगा तनाव?
Chinese Spy Mayor: अमेरिका में चीनी जासूस मेयर एलीन वांग ने कबूला अपना गुनाह, हो सकती है 10 साल की सजा
Trump China Visit: ईरान संकट के साये में ट्रंप का ऐतिहासिक चीन दौरा, जिनपिंग से करेंगे बड़ी डील
डिप्लोमेसी और सैन्य हलचल
डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट को सुलझाने के लिए ईरान को पाकिस्तान के माध्यम से एक 15-सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर रोक और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है। हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए अपना 5-सूत्री प्रस्ताव रखा है जिसमें नुकसान के मुआवजे और स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता की मांग की गई है।
वहीं दूसरी ओर, कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति और मजबूत कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने 2500 मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पैराट्रूपर्स को पश्चिम एशिया भेजा है। मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के विदेश मंत्री लगातार संपर्क में हैं ताकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का रास्ता निकाला जा सके।
यह भी पढ़ें:- ईरान के आगे बेबस सुपरपावर? खाड़ी में 10 हजार करोड़ का नुकसान, जान बचाने के लिए होटलों का सहारा ले रहे US सैनिक
भीषण मानवीय संकट
इस संघर्ष ने भीषण मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है। युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान में 1900 और लेबनान में 1100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। तेहरान में लगभग 82,000 नागरिक भवन, अस्पताल और 1,80,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिससे लाखों लोगों के विस्थापित होने का खतरा पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर बंद कमरे में चर्चा हुई है जहां रूस ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की है।
