इजरायल का गाजा में हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Hamas Ceasefire Violation: इजरायल और हमास के बीच हुए संघर्ष विराम के बावजूद गाजा पट्टी में खून-खराबा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को इजरायली सेना ने गाजा में भीषण गोलीबारी और हमले किए जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं जो इस युद्ध का सबसे दुखद पहलू है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया को उम्मीद थी कि समझौते के बाद शांति बहाल होगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
गाजा के स्थानीय अस्पतालों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हमले में मारे गए लोगों में 5 बच्चे शामिल थे। इनमें एक बच्चा महज 5 महीने का और दूसरा सिर्फ 10 दिन का था। इसके अलावा, मृतकों में 7 महिलाएं और एक पैरामेडिक भी शामिल हैं। गाजा शहर के शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर मध्यस्थ कहां हैं और यह कैसा संघर्ष विराम है जहां नरसंहार का युद्ध अब भी जारी है।
इस सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए इजरायली सेना ने कहा है कि यह हमला उनके सैनिकों पर हुए एक आतंकवादी हमले का जवाब था। सेना के मुताबिक, उस आतंकी हमले में एक इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इजरायल गाजा पर अपने हमले जारी रखेगा। सेना का दावा है कि जब से संघर्ष विराम लागू हुआ है हमास द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और अब तक 4 इजरायली सैनिक मारे जा चुके हैं।
गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच 10 अक्टूबर, 2025 को संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी। हालांकि, इसके बाद से शांति स्थापित नहीं हो सकी है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सीजफायर लागू होने के बाद से अब तक इजरायली हमलों में 530 से अधिक फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं।
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लगातार होती इन मौतों की वजह से अब अमेरिका समर्थित इस संघर्ष विराम की प्रासंगिकता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। गाजा में रहने वाले आम नागरिकों का कहना है कि उन्हें महसूस ही नहीं होता कि युद्ध कभी खत्म हुआ था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि इजरायल और हमास के बीच तनाव आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ सकता है।