ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी दूतावास मुख्यालय बाहर लगी आग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iraq Intelligence HQ Attack: इराक की राजधानी बगदाद में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। शनिवार सुबह एक संदिग्ध ड्रोन ने इराकी राष्ट्रीय खुफिया सेवा (INIS) के मुख्यालय को निशाना बनाया जिसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरा क्षेत्र अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की चपेट में है।
इराकी सरकार की सुरक्षा मीडिया इकाई के प्रमुख जनरल साद मान ने बताया कि शनिवार सुबह लगभग 10 बजे बगदाद के व्यस्त मंसूर जिले में स्थित खुफिया मुख्यालय पर एक ड्रोन से हमला किया गया। सूत्रों के अनुसार, ड्रोन ने विशेष रूप से मुख्यालय परिसर के भीतर एक ‘संचार भवन’ को निशाना बनाया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह इमारत एक ऐसी इराकी सुरक्षा एजेंसी का ठिकाना है जो सुरक्षा मामलों पर अमेरिकी सलाहकारों के साथ सीधे तौर पर समन्वय करती है। इसी दौरान एक अन्य ड्रोन, जो कथित तौर पर इस हमले की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था वो भी पास के एक निजी स्पोर्ट्स क्लब में क्रैश हो गया। यह क्लब इराकी अभिजात्य वर्ग और विदेशी राजनयिकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
खुफिया मुख्यालय पर हुआ यह हमला अकेले नहीं था। इससे कुछ घंटे पहले, शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थित एक अमेरिकी राजनयिक और लॉजिस्टिक हब पर कम से कम तीन ड्रोन हमले किए गए थे। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, तीसरे हमले के बाद बेस के पास भीषण आग लग गई। ये हमले दर्शाते हैं कि इराक में मौजूद अमेरिकी हितों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
इराक वर्तमान में उस क्षेत्रीय संघर्ष का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है जो 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुआ था। इस युद्ध के 22वें दिन भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार देर रात उत्तरी इराक में एक सैन्य हवाई क्षेत्र पर हुए हमले में ‘हशद अल-शाबी’ समूह का एक लड़ाका मारा गया। इस समूह ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
बढ़ते हमलों के बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने मौजूदा संघर्ष के दौरान इराक में ईरान समर्थक सशस्त्र समूहों के खिलाफ लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर स्ट्राइक की है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इराक अपनी इच्छा के विरुद्ध इस युद्ध में खिंचा चला आ रहा है। जहां एक ओर ईरान समर्थित समूह अमेरिकी हितों पर लगभग दैनिक हमले कर रहे हैं वहीं अमेरिका और इजरायल भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं हट रहे हैं। बगदाद में हुआ ताजा हमला इसी खतरनाक सिलसिले की अगली कड़ी माना जा रहा है।