क्या फिर आने वाला है 1970 जैसा संकट? ईरान की चेतावनी से दुनिया में हलचल तेज, जानें तेहरान ने क्या कहा
Iran Oil Warning: ईरान ने होर्मुज की नाकेबंदी करते हुए वैश्विक तेल की कीमतों के 200 प्रति बैरल डॉलर तक पहुंचने की चेतावनी दी है। इसी बीच भारत आ रहे एक थाईलैंड के जहाज पर भी भीषण हमला हुआ है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Strait of Hormuz Crisis: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग ने अब एक खतरनाक ‘इकोनॉमिक वॉरफेयर’ का रूप ले लिया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा बहाल होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरानी सैन्य मुख्यालय ‘खातम अल-अंबिया’ के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए कहा है कि अब दुनिया को 200 डॉलर प्रति बैरल तेल की कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए।
होर्मुज में जहाजों पर ताबड़तोड़ हमले
तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन और व्यापारिक जहाजों को अपना निशाना बनाया। इनमें सबसे गंभीर हमला दुबई से भारत के कांडला बंदरगाह आ रहे थाईलैंड के कार्गो शिप ‘मयुरी नारी’ पर हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में भीषण आग लग गई और समंदर में धुएं का गुबार देखा गया। ओमान की नौसेना ने 20 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया है लेकिन 3 नाविक अभी भी लापता हैं। इसके अलावा जापानी जहाज ‘वन मेजेस्टी’ और मार्शल आइलैंड्स के ‘स्टार ग्वेनेथ’ पर भी मिसाइलों से वार किया गया है।
1970 के दशक जैसा ‘ऑयल शॉक’
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नाकेबंदी जारी रहती है तो दुनिया 1970 के दशक के बाद के सबसे बड़े ‘ऑयल शॉक’ का सामना करेगी। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह उन सभी टैंकरों को अपना ‘जायज निशाना’ बनाएगा जो अमेरिका या इजरायल के सहयोगियों से जुड़े हैं। यह रणनीति केवल युद्ध तक सीमित नहीं है बल्कि एक व्यापक ‘इकोनॉमिक ब्लॉकेड’ है जिसका मकसद वैश्विक सप्लाई चेन को ठप करना है।
सम्बंधित ख़बरें
वेनेजुएला भूकंप पर ISRO-NASA का बड़ा खुलासा, 2 फीट तक खिसक गई जमीन; सैटेलाइट डेटा ने खोली तबाही की परतें
लंदन के गैटविक एयरपोर्ट पर मचा हाहाकार! बिजली गुल होने से पानी की सप्लाई ठप, टॉयलेट्स पर लटके ताले
8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग पर आया अपडेट; क्या जल्द बढ़ने वाली है सैलरी?
मैं न्यूयॉर्क जरूर आऊंगा…नेतन्याहू का ममदानी पर तीखा पलटवार, हमास के समर्थन का लगाया आरोप
यह भी पढ़ें:- कमजोर पड़ने लगा है तेहरान, ‘जब चाहूंगा तब युद्ध खत्म कर दूंगा’, डोनाल्ड ट्रंप का ईरान जंग पर बड़ा बयान
रडार से बचकर बिछाए जा रहे ‘नेवल माइन्स’
ईरान अब अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव कर रहा है। वह छोटी नावों का इस्तेमाल कर रहा है जो रडार की नजरों से बचकर समंदर के बीचों-बीच ‘नेवल माइन्स’बिछा रही हैं। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, तेल की कीमत उस क्षेत्रीय सुरक्षा पर निर्भर करती है जिसे अमेरिका और इजरायल ने अस्थिर कर दिया है। हालांकि, इस तनाव के बीच राहत की एक खबर यह भी है कि होर्मुज के रास्ते एक गैर-ईरानी तेल टैंकर सुरक्षित रूप से भारत के मुंबई पहुंचा है।
