‘जंग हुई तो हम तैयार हैं’, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने ट्रंप सरकार को ललकारा, दुनिया में मचा हड़कंप
Iran-US Tension: ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों में अब तक 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप प्रशासन को सैन्य कार्रवाई पर कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप और अब्बास अराघची, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Iran Red Line: मध्य पूर्व में युद्ध के बादल एक बार फिर गहराने लगे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप सरकार को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तेहरान किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, चाहे वह सैन्य कार्रवाई ही क्यों न हो।
ईरान इस समय न केवल बाहरी खतरों बल्कि आंतरिक विद्रोह से भी जूझ रहा है। एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, देश में चल रहे मौजूदा आंदोलन के दौरान अब तक लगभग 2,000 लोग मारे गए हैं। ईरानी प्रशासन इन मौतों के लिए ‘आतंकवादियों’ को जिम्मेदार ठहरा रहा है। गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए थे, जो अब एक भीषण जन-आंदोलन का रूप ले चुके हैं।
ट्रंप सरकार को अराघची की सीधी चुनौती
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे फिर से सैन्य विकल्प आजमाना चाहते हैं, तो ईरान उसका करारा जवाब देगा। उन्होंने कहा, “हम किसी भी जंग के लिए तैयार हैं। अगर वे मिलिट्री कदम उठाना चाहते हैं जिसे वे पहले भी आजमा चुके हैं, तो हम अब उसका जवाब जरूर देंगे।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ईरान के प्रति कड़ा रुख अपना रही है।
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आंतरिक विद्रोह और ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ के नारे
ईरान में शुरू हुए प्रदर्शनों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है। जो विरोध प्रदर्शन सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ शुरू हुए थे, वे अब सीधे तौर पर सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ विद्रोह में बदल गए हैं। प्रदर्शनकारी सड़कों पर ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ और ‘खामेनेई हटाओ’ जैसे नारे लगा रहे हैं। साथ ही, निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की वापसी की मांग भी जोर पकड़ रही है।
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भारत स्थित ईरानी दूतावास का कड़ा रुख
इस पूरे घटनाक्रम पर भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक्स पर जारी एक पोस्ट में दूतावास ने अमेरिकी राजनेताओं को ‘छल-कपट’ बंद करने की चेतावनी दी है। दूतावास ने कहा कि सरकार समर्थक प्रदर्शनों ने विदेशी शत्रुओं की योजनाओं को विफल कर दिया है। उनके अनुसार, ईरानी राष्ट्र मजबूत है और अपने ‘विश्वासघाती भाड़े के हत्यारों’ पर भरोसा करने वालों को पहचानता है।
