...तो हम जवाब देंगे, परमाणु मुद्दे पर US से वार्ता के लिए ईरान तैयार, ट्रंप के सामने रखी ये शर्त

Iran-US Conflict: ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका सम्मानपूर्वक बातचीत करता है, तो वह परमाणु मुद्दे पर फिर से बातचीत करने को तैयार है, लेकिन शर्तें वही रहेंगी, जो जून में अमेरिका-इजरायल हमले से पहले थीं।
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ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US-Iran Nuclear Talks: ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि अगर अमेरिका सम्मानपूर्वक बातचीत करता है, तो ईरान फिर से परमाणु मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका के सामने एक बड़ी शर्त रखी है। ईरानी अधिकारी ने साफ कहा कि जून में अमेरिका और इजरायल के हमले से पहले ईरान जिन शर्तों पर था, वही शर्तें आज भी लागू होंगी।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के सलाहकार कमाल खराजी ने बताया कि अमेरिका को पहले यह दिखाना होगा कि वह ईरान की शर्तों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, किसी भी वार्ता में बराबरी और आपसी सम्मान होना चाहिए, और बातचीत का एजेंडा पहले से तय होना चाहिए ताकि कोई भ्रम न रहे। खराजी ने यह भी कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीति पर भरोसा नहीं करते थे और अपने उद्देश्यों को पाने के लिए अक्सर दबाव या ताकत का इस्तेमाल करते थे। हालाँकि, उसी दिन ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने में बेहद रुचि दिखा रहा है और बातचीत होने की संभावना है।

अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा ईरान

खराजी ने इस दौरान कहा कि जून में हुए हमले के बाद भी ईरान अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि बिजली संयंत्रों और चिकित्सा उपयोग के लिए ईरान को यूरेनियम संवर्धन की जरूरत है, इसलिए यह प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही, ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम भी चर्चा का हिस्सा नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिका के साथ केवल परमाणु मुद्दे पर ही वार्ता होगी।

इजरायली हमले से बिगड़ी बात

जून में इजरायल के अचानक हमले के बाद अमेरिका भी हमले में शामिल हो गया था और उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। यह ईरान के अंदर अमेरिका का पहला सीधा हमला था। खराजी ने बताया कि लगभग पाँच महीने बाद भी नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है। ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि मशीनों और इमारतों को नुकसान पहुँचने के बावजूद परमाणु कार्यक्रम अभी भी सक्रिय है, लेकिन फिलहाल यूरेनियम संवर्धन रुका हुआ है।

गर्मियों में हुई वार्ता के दौरान अमेरिका चाहता था कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोक दे। लेकिन तेहरान इस बात पर अड़ा था कि वह सिर्फ इतनी मात्रा में संवर्धन करेगा, जिसका इस्तेमाल बम बनाने में न किया जा सके। खराजी ने कहा कि यदि भविष्य में बातचीत होती है तो मुख्य मुद्दा यह होगा कि ईरान कितना संवर्धन करेगा।

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